पहली बार 12 घंटे तक रहेगा राखी बांधने का मुहूर्त, नहीं होगा भद्रा का साया
[typography_font:14pt;” >इन पेड़ों का है खास स्थान
हर ग्रह को प्रसन्न व उनकी शांति के लिए एक पेड़ होते हैं, जिसकी हम पूजा कर सकते हैं। जैसे- सूर्य के लिए मदार, चंद्र के लिए पलाश, मंगल के लिए खैरा, बुध के लिए बरगद, गुरु के लिए पीपल, शुक्र के लिए गूलर, शनि के लिए शमी, राहु के लिए दूर्वा और केतु के लिए कुश वृक्ष की समिधा प्रयुक्मत होती हैं। रतलाम के प्रसिद्ध ज्योतिष वीरेंद्र रावल के अनुसार, शुक्र भौतिक सुख-सुविधा का कारक ग्रह माना जाता है। अगर आपकी कुंडली में शुक्र की स्थिति अच्छी हो तो व्यक्ति को हर प्रकार का सुुख प्राप्त होता है व्यक्ति को धन, वैभव व ऐश्वर्य की प्राप्ती होती है। इनका दांपत्य जीवन भी सुखमयी होता है।
इनकी पूजा करती है कष्ट निवारण
-पीपल का वृक्ष
ज्योतिष वीरेंद्र रावल ने बताया कि, जिन भी जातकों को गुरु( बृहस्पति ) से संबंधित शिकायत हो वो ‘पीपल’ का पेड़ लगाएं, साथ ही सूबह उठकरविधि के अनुसार एक सप्ताह तक उसकी पूजा करें।
-शमी का वृक्ष शनि राहु केतु जनित दोष के लिए ‘शमी’ का वृक्ष लगाएं। शमी के वृक्ष को सबसे गुणी माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के महीने में इसकी पूजा सबसे खास मानी गई है।
-नीम का वृक्ष मंगल दोष के लिये ‘नीम’ का वृक्ष लगाने से व्यक्ति दोषमुक्त होता है।
-आम का वृक्ष बुध दोष के लिए ‘आम’ का वृक्ष धर्म स्थान में लगाएं। साथ ही इसके पत्तों को पूजन सामग्री के साथ रखकर शिव पूजा करने से सभी दोषों से मुक्ति मिलती है।
-बिल्व का वृक्ष दरिद्रता निवारण के लिए ‘बिल्व’ वृक्ष धर्म स्थान में लगाएं और इसके बिल्व पत्र भगवान को भेट करें, लाभ होगा।
-त्रिवेणी का वृक्ष सूर्य चंद्र दोष और कर्ज संबंधित परेशानी हो तब ‘त्रिवेणी’ पीपल नीम और बढ़ का वृक्ष एक साथ किसी धर्म स्थान पर लगाएं। साथ ही, इन्हें मीठा दूध जल के साथ चढ़ाएं, जिससे ऋण खत्म होगा।
-पीपल के पौधे पित्र दोष से मुक्ति पाने के लिए ‘पीपल’ के 9 पौधे लगाएं, लाभ मिलना शुरु हो जाएगा।