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50 करोड़ ठगकर विदेश जाने की थी तैयारी, बीच में ही पुलिस ने धर लिया, मास्टरमाइंड 2 युवतियां सहित 6 गिरफ्तार

Fraud News: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 10 भी जोड़ी गई है। पीड़ितों की शिकायत पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है।

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Fraud News: 50 करोड़ ठगकर विदेश जाने की थी तैयारी, बीच में ही पुलिस ने धर लिया, मास्टरमाइंड 2 युवतियां सहित 6 गिरफ्तार

Fraud News: राजधानी में लोन स्कैम करने वालों ने महज डेढ़ साल में ही लोगों से करीब 50 करोड़ ठग लिया। ठगने के बाद विदेश भागने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस ने पहले ही पकड़ लिया। टीम लीडर, दो युवतियां सहित 6 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से द्रस्तावेज, कंप्यूटर व अन्य चीजें जब्त की गई हैं।

Fraud News: करीब 50 करोड़ निवेश के नाम ठगी

पुलिस के मुताबिक छोटापारा के डीएम प्लाजा में आरबी ग्रुप एवं स्पर्श एडवाइजर प्राइवेट लिमिटेड का ऑफिस था। इसके संचालक अभय कुमार गुप्ता उर्फ अभयकांत गुप्ता और मनोज प्रधान हैं। दोनों ने अपने साथियों सुरेंद्र सिंह करियाम, मनोज कुमार भगत, रागिब हुसैन उर्फ वासु, विभा वर्मा और पूजा यादव के साथ मिलकर लोगों को लोन दिलाने का काम शुरू किया।

लोन के सभी दस्तावेज ले लेते थे, फिर लोन की कुल राशि का आधा पैसा अपनी कंपनी में निवेश कराते थे। आश्वासन देते थे कि निवेश की हुई राशि से उनके लोन की किस्त जमा कर देंगे। ऐसे दावे करके आरोपियों ने 250 लोगों से अधिक लोगों को करोड़ों रुपए का लोन दिलाया। इसके बाद उनसे लोन की आधी राशि करीब 50 करोड़ निवेश के नाम पर ले लिया।

यह भी पढ़ें: IT Raid in CG: छत्तीसगढ़ में 100 करोड़ की टैक्स गड़बड़ी, आयकर विभाग के छापे में हुई बेनामी संपत्तियों का खुलासा

किस्त देना किया बंद

आरोपियों ने लोन के करीब 50 करोड़ रुपए अपने पास रख लिए। शुरुआत में कुछ लोगों के लोन का किस्त चुका रहे थे। इसके बाद बंद कर दिया। जब पीड़ित ऑफिस पहुंचते थे, तो केवल पूजा और विभा मिलती थी। बाकी कोई नहीं मिलता था। इसकी शिकायत पुलिस तक पहुंची, तो पुलिस ने छापा मारा और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मनोज प्रधान फरार है।

चिटफंड की धारा भी जुड़ी

Fraud News: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों के हितों का संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 10 भी जोड़ी गई है। पीड़ितों की शिकायत पर धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों ने चिटफंड की तरह लोगों से उनकी लोन की राशि निवेश कराया। फिर उनको मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। साथ ही लोन की किस्त भी जमा करने का दावा किया था। इस कारण बड़ी संख्या में लोग उनके चंगुल में फंसते गए।

शेयर में किया निवेश

पुलिस के मुताबिक आरोपियों के निजी बैंकों में अच्छे संबंध थे। इसलिए उनके पास आने वाले लोगों को जल्दी लोन दिला देते थे। इससे उनका भरोसा बढ़ जाता था। आरोपियों ने कर्मचारी से लेकर कारोबारियों तक को 5 लाख से लेकर 50 लाख रुपए तक का लोन दिलाया है। फिर उनसे लोन की आधी रकम लेकर शेयर बाजार, क्रिप्टो करेंसी, फॉरेक्स ट्रेडिंग आदि में लगाया। आरोपी अंबिकापुर के रहने वाले हैं। पिछले डेढ़ साल से रायपुर में सक्रिय थे।

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