रायपुर दिनांक 17/02/23 आगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिका संघ संयुक्त मंच अपनी छः सूत्रीय मांगों को लेकर विगत 23/01/23 से हड़ताल एवं धरने पर बैठी है, आज आंदोलन का26वा दिन है। संचनालय के द्वारा आदेश जारी किया जा रहा है और दबाव बनाया जा रहा है कि आंगनवाड़ी केंद्रों का चाबी देने,मानदेय रोकने और काम से बर्खास्त करने की धमकी दी गई है लेकिन कार्यकर्ताओं ने उनके आदेश को मनाने से इंकार कर दिया है। आज उनके आदेश की कॉपी को जाने का निर्णय लिया है। और मुख्य संचिव, सचिव एवं आयुक्त को कलेक्टर के माध्यम से 6 सूत्री मागों की पूर्ति एवं दमन की कार्यवाही पर रोख लगाने हेतु मांग पत्र दिया गया, ज्ञात हो कि विगत 4 वर्षों से हम अपने मांगो को लेकर आंदोलन करते रहे केवल आश्वासन दिया गया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच ने विगत 30 दिसम्बर को शासन प्रशासन को अपने भागो के बारे में सूचना दी गई थी, लेकिन अब तक चर्चा के लिए नहीं बुलाया गया है। उल्टा दमन करने पर तुली है।
प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने 2014 के चुनाव में आगनवाड़ी के महिलाओं से कांग्रेस को जितने की अपील करते हुए कलेक्टर दर देने का वादा किया था और अपने चुनाव घोषणा पत्र में भी कहा था लेकिन 4 साल व्यतीत होने के बावजूद भी एक रूपया की वृद्धि नहीं की सरकार के सभी कार्य करने वाली आगनवाड़ी की कार्यकर्ताओं को न ही केंद्र सरकार ने और न तो राज्य सरकार ने कोई मानदेय मे वृद्धि किया जबकि केंद्र एवं राज्य सरकार के कर्मचारियों को साल में दो बार महंगाई भत्ता एवं एक बार वेतन वृद्धि का लाभ मिलता है। हालांकि महंगाई के अनुसार वह भी पर्याप्त नहीं है, फिर भी कर्मचारियों को राहत तो है सरकारी का यह एक वैधिक दिवालियापन ही है कि वे सोच नहीं पा रही है की 6500 एवं 3250 रूपये में इन महिलाओं का घर इस बेहताश महंगाई में कैसे चल रहा होगा। अगनवाड़ी की महिलाएं इस बजट से बहुत उम्मीदें लगा रखी है। देखो राज्य सरकार क्या करती है। अपने अधिकारों के लिए हमे आन्दोलन तो चान ही होगा