
नई दिल्ली। महाराष्ट्र में चल रहे सियासी संकट पर अब विराम लग गया है। शिवसेना प्रदेश में अगली सरकार बनाने जा रही है। एनसीपी और कांग्रेस के साथ दिनभर चली मैराथन बैठकों के बाद आखिरकार सरकार गठन को लेकर नया फॉर्मूला तय हो ही गया। खास बात यह है कि 6 बजते ही आदित्य ठाकरे और शिवसेना विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे राज्यपाल भगत सिंह कोशियारी से मिलने राजभवन निकले।
आपको बता दें कि इससे पहले सोनिया गांधी ने महाराष्ट्र में विधायकों से बातचीत की और एक नया फॉर्मूला तय किया। इसी बैठक के बाद सोनिया गांधी ने शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से फोन पर बात की।
इस बातचीत में प्रदेश में नई सरकार बनाने पर सहमित भी बन गई और कांग्रेस ने शिवसेना-एनसीपी को बाहर से समर्थन देने पर सहमति जताई।
यह है नया फॉर्मूला
तय सहमित के मुताबिक अब कांग्रेस-एनसीपी के 14-14 मंत्री होंगे और प्रदेश में दो डिप्टी सीएम पर रहेंगे।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस के शिवसेना को बाहर समर्थन देने के पीछे बड़ी वजह विचारधारा की है। कांग्रेस और शिवसेना की विचारधार में मतभेद के चलते ही कांग्रेस ने बाहर से समर्थन देने की बात कही है।
Published on:
11 Nov 2019 06:17 pm

बड़ी खबरें
View Allराजनीति
ट्रेंडिंग
