भीलवाड़ा। जिले के दौलतगढ़ में रविवार सुबह 8 बजे थे। चढ़ते सूरज की किरणों से ललाट पर श्रम बिंदू चमक रहे थे। अनेक हाथ गंदगी और कचरा ढो रहे थे। महिलाएं हो या पुरुष, बच्चे हो या बुजुर्ग। सभी मेहनतकश होकर श्रमदानी बने जा रहे थे। बिना थके चेहरों पर खिलती मुस्कान सेवाभावी सोच दर्शा रही थी। हंसी ठिठोली के बीच, देखते ही देखते धुंधली तस्वीर साफ होती नजर आई।
मौका था राजस्थान पत्रिका के अमृत-जलम महाअभियान के तहत श्रमदान का। अभियान के तहत दौलतगढ़ जय सागर तालाब की साफ-सफाई की गई। पुनीत कार्य में ग्रामीण, स्कूली बच्चे, जनप्रतिनिधि, सामाजिक संस्था और संगठनों की भागीदारी रही। आयोजन में जोश के साथ श्रमदान किया। जल ही जीवन है…, इस नारे का महत्व समझाते हुए कल के लिए जल संरक्षण की शपथ भी ली गई।
नौनिहाल भी नहीं रहे पीछे
महाभियान में भागीदारी में नौनिहाल भी पीछे नहीं रहे। संस्कार किड्स एकेडमी दौलतगढ़ के स्कूली बच्चों ने भाग लिया। बच्चे वहां जमे कचरे को हटाने के लिए हाथों से तगारी में रखकर फेंक रहे थे। बच्चों के कार्य को देख लोगों ने प्रशंसा की।
इनकी रही भागीदारी
आयोजन में ठाकुर ईश्वरसिंह, सरपंच प्रतिनिधि गोपाल शर्मा, उपसरपंच रतनलाल रांका, पूर्व मंडल अध्यक्ष गौतम बुरड़, पूर्व इकाई अध्यक्ष विक्रमसिंह, पूर्व सरपंच प्रकाश नौलखा, चन्द्रेश रांका, बाबू लाल शर्मा, दिनेश सोनी, छीतरमल दुगड़, बबलू सुथार हितेंद्र सिंह, दीपेन्द्रसिंह, मुकेश बाफना, महेंद्र नौलखा, पंकज, कमलेश खटीक, तय्यूम शेख, कालूराम सेन, रणजीतसिंह, लादू लाल साहू, जमनालाल रेगर, लोकपाल सिंह, अशोक गर्ग, स्कूल डायरेक्टर राकेश कुमावत, स्टॉफ आरती जैन, आरती शर्मा, कांता सेन, रीना खटीक, माया साहू, रफीक मोहम्मद भागीदार बने।समाा