
50 साल बाद असम- अरुणाचल सीमा विवाद का मामला सुलझा
अरुणाचल प्रदेश और असम के बीच 800 किलोमीटर लंबी सीमा विवाद के सुलझने से असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वास शर्मा बेहद खुश नजर आए। राजस्थान पत्रिका से बातचीत में हेमंत विश्व शर्मा ने इस पूरे मामले को सुलझाने में प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह को पूरा श्रेय दिया। पत्रिका के सवाल के जवाब में हेमंत विश्वा ने कहा कि पहले की सरकारों ने जानबूझकर यह मामला उलझा रखा।
जब हेमंत विश्वकर्मा से पूछा गया कि मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के समय वह भी कांग्रेस में थे तो उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को कई बार इस बारे में बताया गया। विवाद सुलझाने की रणनीति पर भी चर्चा हुई लेकिन ना जाने किस दबाव में इस मामले को टालते रहे।
यही नहीं हेमंत विश्व शर्मा ने बताया कि मनमोहन सिंह से जब इस बारे में बात हुई तो उन्होंने कहा कि यथास्थिति बनी रहे।
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गांव की जिला मुख्यालय से दूरी का भी किया गया आकलन
सीमा विवाद सुलझाने के दौरान किन बातों पर गौर किया गया इस सवाल पर मुख्यमंत्री हेमंत ने कहा की वोटर आईडी कार्ड सहित कई चीजों को ध्यान में रखकर सीमा पर स्थित गांव के आगे की स्थिति तय की गई है। इसमें गांव वालों के वोटर आईडी कार्ड के साथ-साथ उस गांव की जिला मुख्यालय से दूरी का आकलन भी किया गया है।
इसके अलावा जिला मुख्यालय से जिस जिले में वह गांव पड़ता है वह किस प्रदेश में है कितनी दूरी है और किस प्रदेश और किस जिले में उन्हें रखने में गांव वालों का फायदा होगा इस बात का भी ध्यान रखा गया है।
हेमंत विश्व शर्मा ने कहा कि इस समझौते से विकास का रास्ता खुल गया है। उधर अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि यह समझौता ऐतिहासिक है और इसके बाद पूर्वोत्तर के विकास में और तेजी आएगी।
Updated on:
21 Apr 2023 08:03 am
Published on:
21 Apr 2023 07:58 am

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