
बेंगलूरु.आइटी कंपनी इंफोसिस के चेयरमैन नंदन नीलेकणी ने कहा कि ऊर्जा भविष्य का यूपीआइ है? लाखों छोटे उत्पादक यूपीआइ ट्रांजैक्शन की तर्ज पर बिजली खरीदेंगे और बेचेंगे। उन्होंने कहा, भविष्य में भारतीय घरों में न केवल बिजली की खपत होगी, बल्कि उसका उत्पादन और व्यापार भी होगा। हर घर ऊर्जा उत्पादक होगा, क्योंकि उनके पास छत पर सौर ऊर्जा होगी, हर घर एनर्जी स्टोरर होगा क्योंकि उनके पास ईवी बैटरी होगी। यानी हर घर ऊर्जा का उत्पादक, विक्रेता और क्रेता होगा। हालांकि उन्होंने कहा कि यह व्यापार ग्रिड के साथ नहीं हो सकता है, पर बिजली की खरीद-बिक्री आपके पड़ोसी के साथ हो सकती है।
बदलने वाला है ट्रेंड
यह अवधारणा यूनिफाइड एनर्जी इंटरफेस (यूईआइ) जैसे प्रयासों से मेल खाती है, जिसके तहत इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग को कारगर बनाने के लिए पिछले साल 20 ऊर्जा कंपनियों ने एक ओपन नेटवर्क लॉन्च किया था। नीलेकणी ने कहा, पुराने जमाने में लोग छोटी-छोटी मात्रा में ऊर्जा खरीदते थे, चाहे वह ईंधन के रूप में हो, लकड़ी के रूप में, कोयले के रूप में हो या एलपीजी सिलेंडर के रूप में। लेकिन बिजली हमेशा ऐसी चीज थी जिसे हम ग्रिड से प्राप्त करते थे या जनरेटर का उपयोग करके निजी तौर पर उत्पन्न करते थे। पर अब यह बदलने वाला है।
लाखों ऊर्जा उद्यमी तैयार होंगे
नंदन नीलेकणी का मानना है कि छतों पर सौर ऊर्जा और ईवी बैटरियों के व्यापक रूप से प्रचलित होने के साथ ही ऊर्जा लेनदेन डिजिटल भुगतान की तरह ही निर्बाध, पीअर-टू-पीअर बाजार में परिवर्तित हो जाएगा। उन्होंने कहा, रूफटॉप सोलर से आप लाखों ऊर्जा उद्यमी तैयार करने जा रहे हैं, जो छोटी मात्रा में ऊर्जा का उत्पादन करने और उसे एक-दूसरे को बेचने में निवेश करेंगे। यह ऊर्जा परिदृश्य को मौलिक रूप से नया आकार दे सकता है। हालांकि इसे साकार करने के लिए नियामक सुधारों की आवश्यकता होगी। हमें अपने कानूनों को सरल बनाने की आवश्यकता है।
Published on:
20 Mar 2025 01:19 am

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