7 फ़रवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

अमरीकी शेयर बाजार धड़ाम, मंदी की आशंका के बीच दो साल की सबसे बड़ी गिरावट

बढ़ती महंगाई , चीन में लॉकडाउन और दुनिया के दो सबसे अमीर कारोबारियों एलन मस्क और जेफ बेजोस द्वारा मंदी की आशंका जताए जाने के बाद बुधवार को अमरीकी शेयर बााजार में दो साल की सबसे गिरावट देखी गई। डाओ जोन्स 1000 से अधिक अंक लुढ़क गया।

3 min read
Google source verification
wall_street_us.jpg

दुनिया भर में मंदी की चर्चाओं और अमरीका में मंदी की आशंका से जुड़े एलन मस्क के ट्वीट के बाद बुधवार को अमरीका में जारी ग्रोथ शेयरों की रैली थम गई और शेयर मार्केट में दो साल की सबसे बड़ी गिरावट देखी गई। डाओ जोन्स में 1000 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। नैस्डेक और S&P में भी जबरदस्त गिरावट आई है। एसएंडपी 500 4% की गिरावट के साथ जून 2020 के बाद से अपने सबसे निचले स्तर 3,923.68 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट 4.7% गिरकर 11,418.15 पर बंद हुआ, जबकि डाओ जोन्स 1,100 अंक या 3.6% से अधिक गिर गया।

महंगाई से बाजार आशंकित

जानकारों का कहना है कि लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मांग पर असर देखा जा रहा है जिसका असर रिटेलर कंपनियों के शेयर पर पड़ा है। इसी वजह से अमरीकी शेयर बाजार अपने निचले लेवल तक आ गया। अमरीकी कंपनी टारगेट कॉर्प्स का पहली तिमाही का मुनाफा घटकर आधा हो गया है। ईंधन के दाम बढ़ने और माल ढुलाई का खर्च बढ़ने के कारण कंपनी ने मार्जिन पर तगड़े चोट की चेतावनी दी है। कंपनी के शेयर 18 मई को 25.2% गिर गए।
19 अक्टूबर 1987 के ब्लैक मंडे के बाद इसके शेयरों में सबसे बड़ी गिरावट आई है। एक दिन पहले रिटेलर कंपनी वॉलमार्ट ने भी कमजोर नतीजे जारी किए थे। एस एंड पी रिटेल ईटीएफ में 8.2% की गिरावट आई है। आखिरी अपडेट तक सभी 11 बड़े एसएंडपी सेक्टर्स में गिरावट आई है। आखिरी अपडेट तक कंज्यूमर शेयरों में 5.7% और टेक शेयरों में 3.5% की गिरावट आ चुकी थी।

विशेषज्ञ जता रहे हैं मंदी की आशंका

बता दें, लगातार बढ़ती महंगाई, रूस-यूक्रेन युद्ध, लंबे समय से सप्लाई चेन में दिक्कत, कोरोनावायरस संक्रमण के कारण चीन में लॉकडाउन, केंद्रीय बैंकों के रेट बढ़ाने के आसार के साथ आर्थिक मंदी की चिंताओं का असर शेयर बाजार पर पड़ा है। अमरीका के वेल्स फ़ार्गो इन्वेस्टमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा बुधवार को आर्थिक आंकड़ों के आधार पर 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत में अमरीका में एक हल्की मंदी की आशंका को देखते हुए अपनी आर्थिक अपेक्षाओं को समायोजित करने की खबर है। अमरीका और दुनिया के सबसे अमीर इंसान एलन मस्क भी इसको लेकर चेतावनी दे चुके हैं। हालांकि मस्क ने यह भी कहा कि मंदी आवश्यक रूप से बुरी चीज नहीं है।

भारतीय शेयर बाजार में भी भय का माहौल

बता दें, इसके पहले 18 मई को घरेलू शेयर बाजार में भारी उतार चढ़ाव देखने को मिला है। बुधवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी दोनों इंडेक्स मजबूत होकर खुले, लेकिन दोपहर तक मंदी की आशंकाओं और अनिश्चितता के बीच बाजार ने पूरी बढ़त गंवा दी। बुधवार को एक बार फिर सेंसेक्स और निफ्टी लाल निशान में बंद हुए हैं। फिलहाल सेंसेक्स में 110 अंकों की गिरावट रही है और यह 54,208.53 के स्तर पर बंद हुआ है। जबकि निफ्टी 19 अंक टूटकर 16240 के स्तर पर बंद हुआ।

2022 में Nasdaq 26% से ज्यादा गिरा

बता दें, फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जीरोम पॉवेल ने मंगलवार को फिर यह कहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक महंगाई पर काबू पाने के लिए उतना ही रेट बढ़ाएगा जितनी जरूरत होगी। ट्रेडर्स जून और जुलाई में 50 बेसिस अंक रेट में बढ़ोत्तरी का अनुमान लगा रहे हैं। बता दें भारत समेत अमरीकी शेयर बाजार में लगातार गिरावट का दौर है। 2022 में S&P 500 अब तक 16.8% गिर चुका है। वहीं Nasdaq 26% से ज्यादा गिर चुका है।