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केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ‘कश्मीर महोत्सव’ को किया संबोधित

केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ‘कश्मीर महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि कभी कश्मीर में बम धमाके, हड़ताल, पत्थरबाजी होती थी, आज युवाओं के हाथ में बुक, लैपटॉप के साथ स्टार्ट अप के लिए नई सोच। कश्मीरी युवा विश्व के युवाओं को चुनौती देने में सक्षम है।

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Union Home Minister Amit Shah addressed 'Kashmir Festival' through video conferencing

नई दिल्ली। अनुराग मिश्रा। कश्मीर कई संस्कृतियों का मेल औरभारत माता का मुकुट मणि है। आज कश्मीर में जो परिवर्तन आ रहा है वो कश्मीर के बच्चों के साथ-साथ देशभर के युवाओं के लिए भी महत्वपूर्ण है। ये कहना था केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का, जो वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ सस्टेनेबिलिटी, गुजरात विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कश्मीर महोत्सव को संबोधित कर रहे थे।

शाह ने कहा कि पिछले साल लगभग 1 करोड़ 80 लाख पर्यटक कश्मीर आए, उन्होंने कश्मीरियत और कश्मीर की संस्कृति को जाना और एक अच्छा संदेश लेकर गए। उन्होंने कहा कि एक जमाने में कश्मीर में बम धमाके, हड़ताल व पत्थरबाजी होती थी, लेकिन आज मोदी जी के नेतृत्व में आये बदलाव से यहाँ के युवाओं के हाथ में पुस्तकें और लैपटॉप के साथ स्टार्ट अप के लिए नई सोच है और वे विश्व के युवाओं को चुनौती देने की क्षमता रखते हैं।

शाह ने कहा कि कश्मीर से धारा 370 और 35ए हटने के बाद पहली बार वहां डेमोक्रेसी ग्रासरूट स्तर पर पहुंची है। आज जनता के चुने हुए 30 हज़ार से ज़्यादा प्रतिनिधि कश्मीर की पंचायत व्यवस्था में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश में सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की और इसके माध्यम से हर गांव को विकास तंत्र और देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को अर्थतंत्र से जोड़ने का प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि गुजरात यूनिवर्सिटी सरदार वल्लभभाई पटेल, डॉ. विक्रम साराभाई और नरेन्द्र मोदी की यूनिवर्सिटी है, इस विश्वविद्यालय से देश निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले कई महान लोग निकले हैं। देश का सबसे पहला इनोवेशन पार्क गुजरात यूनिवर्सिटी में ही बना और आज ये 300 से अधिक स्टार्ट-अप को समर्थन दे रहा है।

अमित शाह ने युवाओं से आह्वान किया कि कश्मीर में भी स्टार्ट-अप मूवमेंट को आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि स्टार्ट अप से वित्तीय वर्ष 2022 में भारत का व्यापारिक निर्यात 400 करोड़ डॉलर को पार कर गया है। उन्होंने कहा कि पीएलआई योजना के तहत 12 क्षेत्रों में लगभग 3 लाख करोड़ रूपए का नया निवेश आया है। शाह ने कहा कि भारत के युवाओं के लिएपेटेंट रजिस्ट्रेशन के लिए भी कई सुविधाएं प्रदान की गई हैं। उन्होंने बताया कि 2013-14 में भारत से सिर्फ 3 हज़ार आवेदन आते थे, जबकि आज भारत से 24 हज़ार आवेदन सालाना आते हैं। प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, डिजिटल इंडिया मिशन, फिट इंडिया और खेलो इंडिया जैसी कई योजनाएं प्रधानमंत्री मोदी देश के युवाओं के लिए लेकर आए हैं।

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