
अनुराग मिश्रा। नई दिल्ली: भारत के सर्वोच्च न्यायालय में लोगों को खाना बनाकर खिलाने वाले एक खानसामे की बेटी ने वह करिश्मा कर दिखाया है, जो अच्छे-अच्छे साधन संपन्न लोग भी काफी मेहनत करने के बाद हासिल नहीं कर पाते। सुप्रीम कोर्ट में बावर्ची की बेटी प्रज्ञा ने अपने प्रतिभा के बल पर अमेरिका की दो बड़ी नामी लॉ यूनिवर्सिटी में एडमिशन पाने में सफलता प्राप्त की है। प्रज्ञा की सफलता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने प्रज्ञा की सराहना करते हुए उसे बधाई दी। इस मौके पर जस्टिस चंद्रचूड़ ने प्रज्ञा को अपने हस्ताक्षर वाली एक पुस्तक भी भेंट की। इसके अलावा प्रज्ञा के माता-पिता को शॉल बना कर भारत के मुख्य न्यायाधीश ने सम्मानित किया।
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन में एक समारोह आयोजित किया गया था, जिसमें प्रज्ञा को उनकी उपलब्धि सम्मानित किया गया। इस समारोह में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के पदाधिकारी के साथ-साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ न्यायाधीश भी मौजूद थे।
इसी बीच सीजेआई जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने कहा कि इसने साबित कर दिया है कि आप अगर संकल्प करने तो कुछ भी कर पाना नामुमकिन नहीं है आपके रास्ते में कोई भी कमी बड़ा नहीं बन सकती लेकिन सभी को आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली बच्चों की मदद करनी चाहिए।
Updated on:
13 Mar 2024 06:18 pm
Published on:
13 Mar 2024 06:14 pm
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