
Gaganyaan Mission
Gaganyaan Mission: चंद्रयान-3 की बड़ी सफलता से उत्साहित भारत अब इंसानों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए भारत पूरी तरह तैयार है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन अब महत्वाकांक्षी गगनयान मिशन की ओर छोटे कदम बढ़ा रहा है। कल यानी शनिवार को गगनयान के क्रू मॉड्यूल एस्केप सिस्टम का श्रीहरिकोटा से लाइव परीक्षण किया जाएगा। ये उन 20 बड़े परीक्षणों में से पहला है, जिनकी इसरो ने निकट भविष्य के लिए योजना बनाई है। इसे व्हीकल अबॉर्ट मिशन का पहला टेस्ट भी कहा जा सकता है।
परीक्षण की तैयारियां पूरी
इस परीक्षण उड़ान की सफलता शेष परीक्षणों और मानवरहित मिशन के लिए मंच तैयार करेगी, जिससे भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों के साथ पहला गगनयान कार्यक्रम शुरू होगा, जिसके 2025 में आकार लेने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लक्ष्य को पूरा करने के प्रयास में इसरो 2035 तक एक भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन स्थापित करेगा। 2040 तक चंद्रमा पर भारतीय अंतरिक्ष यात्री को लॉन्च करेगा।
यह भी पढ़ें- दिल्ली में दमघोंटू हवा से सांस लेना मुश्किल: AQI 221 के पार, जानिए अगले 6 दिन का हाल
कब और कहां देख सकेंगे
इसरो 21 अक्टूबर को इस परीक्षण के लिए पूरी तरह तैयार है। गगनयान मिशन के लिए फ्लाइट टेस्ट व्हीकल एबॉर्ट मिशन-1 (टीवी-डी1) शनिवार, 21 अक्टूबर को सुबह 8 बजे से शुरू होगा। टेस्ट वीइकल एस्ट्रोनॉट के लिए बनाए गए क्रू मॉड्यूल को अपने साथ ऊपर ले जाएगा। फिर 17 किलोमीटर की ऊंचाई पर किसी एक पॉइंट पर अबॉर्ट जैसी स्थिति बनाई जाएगी और क्रू एस्केप सिस्टम को रॉकेट से अलग किया जाएगा। टीवी-डी1 परीक्षण उड़ान प्रक्षेपण का डीडी न्यूज चैनल पर सीधा प्रसारण किया जाएगा और इसरो अपनी आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी प्रक्षेपण का सीधा प्रसारण करेगा।
यह भी पढ़ें- चीन परमाणु हथियार का कर रहा तेजी से विस्तार, पढ़िए ड्रैगन मिशन-2030 रिपोर्ट के सनसनीखेज खुलासे
Updated on:
21 Oct 2023 07:40 am
Published on:
20 Oct 2023 10:31 pm
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
