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मनीष सिसोदिया को एक दिन की जमानत, बीमार पत्नी से मिलने की कोर्ट ने दी इजाजत

Manish Sisodiya Delhi Liquor Scam : शराब घोटाला मामले में दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 94 दिनों से जेल में हैं। दिल्ली हाईकोर्ट ने मनीष सिसोदिया को एक दिन की जमानत दी है। मनीष सिसोदिया ने पत्नी की सेहत का हवाला देकर अदालत में अर्जी लगाई थी। कोर्ट ने कई शर्तों के साथ आप नेता को बेल दी है।

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Manish Sisodiya Delhi Liquor Scam : काफी मशक्कत के बाद दिल्ली हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बीमार पत्नी से मुलाकात के लिए एक दिन की जमानत दी है। अदालत ने मनीष सिसोदिया को कल सुबह 3 जून को 10 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए पत्नी से मिलने की अनुमति दी है। हालांकि, इस दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री पर कई पाबंदियां रहेंगी। मिलने के बाद उनकी पत्नी का मेडिकल रिकॉर्ड दाखिल करने का निर्देश कोर्ट ने दिया दिया है।


केजरीवाल से नहीं कर सकेंगे मुलाकात

कुछ घंटे की जमानत देने के साथ हीं अदालत ने मनीष सिसोदिया पर कई पाबंदियां भी लगाई हैं। जमानत की अवधि के दौरान सिसोदिया अपने घरवालों के अलावा किसी और से बात नहीं करेंगे। यानी केजरीवाल से वो मुलाकात नहीं कर पाएंगे। जस्टिस दिनेश कुमार शर्मा ने अपने आदेश में आप नेता को केवल घरवालों से ही मिलने की अनुमति दी है। कोर्ट ने कहा कि सिसोदिया इस दौरान मीडिया से भी बात नहीं करेंगे। इसके अलावा उन्हें मोबाइल या इंटरनेट की भी इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी गई है।

पत्नी की ख़राब सेहत का दिया था हवाला

बता दें कि, मनीष सिसोदिया ने कुछ दिन पहले भी अंतरिम जमानत की अर्जी दी थी लेकिन पत्नी की सेहत स्थिर होने के कारण उन्होंने अपनी अर्जी वापस ले ली थी।अब इसी कारण से उन्हें फिर जमानत मिली है। सिसोदिया को दिल्ली शराब घोटाला मामले में सीबीआई ने 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था। उन्हें गिरफ्तार हुए 94 दिन हो चुके हैं। लाख कोशिश के बाद भी उन्हें अदालत से जमानत नहीं मिल पा रही थी।

इस मामले में आरोपित हैं सिसोदिया

दिल्ली में शराब बेचने के लिए बनाई गई दिल्ली आबकारी नीति में घोटाले के आरोप में सिसोदिया को सीबीआई ने आरोपी बनाया था। सीबीआई ने उन्हें 26 फरवरी को 8 घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था। जिसके बाद केजरीवाल ने इसे मोदी सरकार का तानाशाही रवैया बताया था।

इसके बाद शराब नीति घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय ने भी उन्हें अपने केस में आरोपी बनाया था। इन दोनों केस की जांच अभी जारी है। सिसोदिया इन केस में चार्जशीट दाखिल होने के बाद से ही जमानत के लिए कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें 94 दिन जेल में बीतने के बाद भी जमानत नहीं मिल सकी है।

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