10 फ़रवरी 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Lok Sabha Elections 2024: चाचा को चित कर इस सीट से लड़ेगा मोदी का हनुमान, PM मोदी को लेकर कही ये बात

Lok Sabha Elections 2024: बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए के लिए खुशखबरी है। सीट बंटवारे के खफा आरएलजेपी सुप्रीमो पशुपति पारस मान गए हैं। वहीं, दूसरी ओर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने अपने खाते की सभी पांच सीटों के लिए शनिवार को प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है।

2 min read
Google source verification
chirag_modi.jpg

Lok Sabha Elections 2024: मोदी के हनुमान कहे जाने वाले चिराग पासवान ने लोकसभा चुनाव 2024 के लिए सभी पांच सीटों के लिए प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। लोजपा (रा) के कोटे में गई वैशाली सीट से वीणा देवी प्रत्याशी बनाई गई हैं। जमुई से अरुण भारती, खगड़िया से राजेश वर्मा, समस्तीपुर से शांभवी चौधरी तथा हाजीपुर से खुद चिराग पासवान प्रत्याशी होंगे। बता दें कि हाजीपुर सीट को लेकर चिराग पासवान और पशुपति पारस में काफी तनातनी हुई। दोनों नेता इस सीट पर अपना दावा ठोक रहे थे लेकिन इसमें जीत चिराग को मिली। एनडीए के दलों में भाजपा के खाते में 17 सीट, जदयू को 16, लोजपा (रा) को पांच सीट तथा हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा को एक- एक सीट मिली है।


वहीं दूसरी ओर, बिहार एनडीए में सीट बंटवारे से नाराज आरएलजेपी के मुखिया पशुपति पारस भी मान गए हैं। एक्स पर उन्होंने अपनी पार्टी को एनडीए का अभिन्न अंग बताया है। पारस ने ऐलान कर दिया है कि बिहार की सभी 40 लोकसभा सीटों पर एनडीए की जीत के लिए उनकी पार्टी समर्थन करेगी। इतना ही नहीं उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर फिर से बायो में 'मोदी का परिवार' टैग जोड़ लिया है। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 को लेकर बिहार में सीट बंटवारे में चिराग पासवान को तवज्जो देने और उनकी पार्टी को एक भी सीट नहीं दिए जाने से नाराज पारस ने पिछले दिनों नरेंद्र मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था।

पारस के इस ऐलान के साथ ही हाजीपुर लोकसभा सीट पर लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया और पारस के भतीजे चिराग पासवान का रास्ता साफ हो गया है। एक साल पहले ही पारस ने हाजीपुर सीट से 2024 में लोकसभा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया था। वे खुद को बड़े भाई रामविलास पासवान का उत्तराधिकारी मानते थे। मोदी कैबिनेट से इस्तीफा देने के बाद भी उन्होंने हाजीपुर सीट से ही अपनी उम्मीदवारी की दावेदारी जताई थी। लेकिन एनडीए ने उनकी पार्टी को एक भी सीट देना मुनासिब नहीं समझा।