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कलाकारों की सूची से हटाए जाने के बाद कुणाल कामरा ने BookMyShow पर निकाली भड़ास, पत्र में कही ये बात

Kunal Kamra On Book My Show: कुणाल कामरा ने बुकमायशो पर आरोप लगाते हुए कहा कि कलाकारों को अपनी वेबसाइट के माध्यम से शो सूचीबद्ध करने से रोकने के कारण यह कलाकारों को दर्शकों तक पहुंचने से रोक रहा है। 

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Apr 07, 2025
कॉमेडियन कुणाल कामरा

Kunal Kamra: स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने BookMyShow को एक ओपन लैटर लिखा है। कामरा ने यह पत्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर किया है। दरअसल, बुकमायशो ने हाल ही में कुणाल कामरा को कलाकारों की सूची से हटा दिया था। कॉमेडियन ने पत्र में कहा कि वे बायकॉट के पक्ष में नहीं है और किसी कलाकार का नाम लिस्ट में रखना या नहीं रखना यह बुकमायशो का अधिकार है।

‘बुकमायशो टिकटों की बिक्री को सुगम बनाता है’

कुणाल कामरा ने कहा कि यह एक ऐसा मंच है जो टिकटों की बिक्री को सुगम बनाता है और तटस्थता के साथ तथा भारत के लागू कानूनों के अनुपालन में अपना कारोबार संचालित करता है। हमारी भूमिका के बारे में तथ्यों को सार्वजनिक रूप से गलत तरीके से प्रस्तुत किया गया है।

कलाकारों को दर्शकों तक पहुंचने से रोक रहा बुकमायशो

कुणाल कामरा ने बुकमायशो पर आरोप लगाते हुए कहा कि कलाकारों को अपनी वेबसाइट के माध्यम से शो सूचीबद्ध करने से रोकने के कारण यह कलाकारों को दर्शकों तक पहुंचने से रोक रहा है।

दर्शकों तक पहुंचने में खर्च करते है रकम

कॉमेडियन कामरा ने यह दावा किया कि दर्शकों तक पहुंचने के लिए कलाकारों को विज्ञापन पर पैसे खर्च करने पड़ते है। यह रकम प्रतिदिन 6 हजार से 10 हजार तक भी हो सकती है। इसके अलावा प्लेटफॉर्म द्वारा 10 प्रतिशत राजस्व कटौती भी की जाती है।

शिवसेना ने बुकमायशो का जताया था आभार

बता दें कि कॉमेडियन कुणाल कामरा को बुकमायशो से कलाकारों की लिस्ट से हटाने के बाद शिवसेना ने सीईओ आशीष हेमराजानी का आभार जताया था। शिवसेना ने कहा था कि अपने पोर्टल को साफ-सुथरा रखने और ऐसे कलाकारों को शुद्ध मनोरंजन की सूची से बाहर रखने के लिए आपका धन्यवाद।

क्या है पूरा मामला

कुणाल कामरा विवाद मार्च 2025 में शुरू हुआ, जब स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने एक शो में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। इस शो में कामरा ने बॉलीवुड फिल्म "दिल तो पागल है" के एक गाने की पैरोडी बनाकर शिंदे के राजनीतिक करियर पर तंज कसा, जिसमें उन्हें अप्रत्यक्ष रूप से "गद्दार" कहा गया। यह टिप्पणी 2022 में शिंदे द्वारा उद्धव ठाकरे के खिलाफ बगावत और महा विकास आघाड़ी सरकार को गिराने की घटना से जोड़ी गई।

Updated on:
08 Apr 2025 04:05 pm
Published on:
07 Apr 2025 10:04 pm
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