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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 के लिए चुनावी बिगुल फुंक चुका है। विधानसभा चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस में से किसकी नैय्या पार लगेगी इसकी तहकीकात करने पत्रिका की टीम नरसिंहपुर विधानसभा पहुंची। भगवान नरसिंह की नगरी नरसिंहपुर का मिजाज अपने आप में अलग है । तो चलिए जानते हैं जिले की चारों विधानसभा सीटों पर इस बार ऐसे कौन से मुद्दे हैं और जनता के वो कौन से सवाल हैं जिन पर इन सीटों के प्रत्याशी को खरा उतरना है।
नरसिंहपुर विधानसभा
नरसिंहपुर विधानसभा सीट से अभी जालम सिंह पटेल विधायक हैं। लेकिन साल 2023 के विधानसभा चुनावों में भाजपा ने जालम सिंह पटेल का टिकट काटकर उनके ही बड़े भाई प्रहलाद पटेल को दिया है। भाजपा के दिग्गज नेता माने जाने वाले प्रहलाद सिंह पटेल केन्द्र की मोदी सरकार में मंत्री हैं। नरसिंहपुर के ही गोटेगांव में जन्मे प्रहलाद की राजनीति की शुरुआत नरसिंहपुर से ही हुई। राजनीति का ककहरा सीखने के बाद प्रहलाद ने जबलपुर का रुख किया और फिर छात्र राजनीति के जरिए ऐसी उड़ान भरी की फिर कभी पीछे पलट कर नहीं देखा। लेकिन इतने सालों बाद एक बार फिर ऐसे समीकरण बने कि प्रहलाद को वापस नरसिंहपुर आना पड़ा है। चुनावी मैदान में प्रहलाद को चुनौती कौन देगा फिलहाल ये साफ नहीं है लेकिन जो दो नाम चर्चाओं में हैं वो हैं लाखन पटेल और देवेन्द्र पटेल का..) कृषि प्रधान नरसिंहपुर जिला गन्ने की खेती और गुड़ की मिठास के लिए जाना जाता है।
नरसिंहपुर विधानसभा सीट
कुल मतदाता- 2 लाख 16 हजार 875
पुरुष मतदाता - 1 लाख 11 हजार 290
महिला मतदाता- 1 लाख 5 हजार 581
समस्याएं-
- गन्ने की फसल का उचित मूल्य न मिलना
- बेरोजगारी, उद्योगों का अभाव, जर्जर सड़कें।
- सरकारी अस्पताल में डॉक्टर्स की कमी
- हायर एजुकेशन के लिए संस्थान नहीं
गाडरवारा विधानसभा सीट
नरसिंहपुर की गाडरवारा विधानसभा की सीट इस बार विधानसभा चुनाव में जिले की दूसरी सबसे हाईप्रोफाइल सीट है और इसकी वजह है यहां से भाजपा का होशंगाबाद लोकसभा क्षेत्र के सांसद राव उदय प्रताप को प्रत्याशी बनाना। राव उदय प्रताप सिंह साल 2019 के लोकसभा चुनाव में होशंगाबाद सीट से 3 लाख से भी ज्यादा वोटों से चुनाव जीते थे। गाडरवारा में उनके सामने कांग्रेस किसे मैदान में उतारेगी अभी इसका फैसला नहीं हुआ है। चुनौती जाहिर तौर पर सांसद राव उदय प्रताप के सामने भी है क्योंकि इस बार वो खुद के ही संसदीय क्षेत्र में विधानसभा का चुनाव लड़ रहे हैं और ऐसे में उनकी राजनीतिक साख भी दांव पर लगी हुई है।
गाडरवारा विधानसभा सीट
कुल मतदाता- 2 लाख 12 हजार 151 कुल मतदाता
पुरुष - 1 लाख 10 हजार 313
महिला- 1 लाख 1 हजार 834
गाडरवारा विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे
- बढ़ती महंगाई से जनता परेशान है
- एनटीपीसी में स्थानीय लोगों को रोजगार न मिलना
- दलहन की गुम होती पहचान, उद्योग धंधों का बंद होना
- किसानों को फसलों का सही दाम न मिलना, जर्जर सड़कें, बेरोजगारी भी बड़े मुद्दे।
तेंदूखेड़ा विधानसभा सीट
नरसिंहपुर की तीसरी सीट है तेंदुखेड़ा, जहां से वर्तमान में कांग्रेस के संजय शर्मा विधायक हैं। तेंदुखेड़ा को संजय शर्मा का गढ़ माना जाता है वो यहां से लगातार दूसरी बार विधायक हैं। पहली बार साल 2013 में वो भाजपा से यहां से विधायक बने थे और फिर कांग्रेस का दामन थामकर 2018 के चुनाव में विधायक बने। संजय शर्मा तेंदुखेड़ा सीट पर कांग्रेस का मजबूत चेहरा हैं लेकिन जिले में चर्चाएं हैं कि वो चुनाव से ठीक पहले भाजपा में शामिल हो सकते हैं। हालांकि संजय शर्मा खुद इसका खंडन कर चुके हैं लेकिन राजनीति की बिसात पर कब कौन सी चाल चली जाती है ये तो वक्त आने पर ही पता चलता है। संजय के सामने इस सीट पर इस बार कौन उम्मीदवार होगा इसका फैसला होना भी अभी बाकी है।
तेंदूखेड़ा विधानसभा सीट
कुल मतदाता- 1 लाख 88 हजार 845
पुरुष मतदाता- 97 हजार 851
महिला मतदाता- 90 हजार 991
तेंदुखेड़ा विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे
- बढ़ती महंगाई सबसे बड़ा मुद्दा
- किसानों को फसलों का उचित दाम न मिलना
- नेशनल हाइवे पर होने के बावजूद क्षेत्र में विकास की कमी
- हायर एजुकेशन के लिए संस्थान नहीं, बेरोजगारी।
गोटेगांव विधानसभा सीट
अब बात गोटेगांव विधानसभा सीट की.. मध्यप्रदेश के पूर्व नेता प्रतिपक्ष नर्मदा प्रसाद प्रजापति गोटेगांव से वर्तमान में विधायक हैं। तो वहीं गोटेगांव सीट से इस बार भाजपा ने महेन्द्र नागेश पर भरोसा जताया है। हालांकि अभी तक कांग्रेस की ओर से यहां पर भी प्रत्याशी का ऐलान नहीं किया गया है लेकिन एनपी प्रजापति ही गोटेगांव सीट से कांग्रेस के मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। बता दें कि गोटेगांव नरसिंहपुर विधायक जालम सिंह पटेल और केन्द्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल का गृह क्षेत्र भी है।
गोटेगांव विधानसभा
मतदाता - 2 लाख 16 हजार 875
पुरुष मतदाता- 1 लाख 11 हजार 290
महिला मतदाता- 1 लाख 5 हजार 581
गोटेगांव विधानसभा सीट के प्रमुख मुद्दे
- उद्योग धंधों के अभाव में बेरोजगारी
- किसानों को फसलों का उचित दाम न मिलना।
- ग्रामीण इलाकों में जर्जर सड़कें
- रेत का अवैध खनन और बढ़ते अपराध
चुनाव की बिसात बिछ चुकी है भाजपा ने नरसिंहपुर की तीन विधानसभा सीटों पर अपने पत्ते खोल दिए हैं और अब बारी कांग्रेस की है देखना है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं के खिलाफ कांग्रेस नरसिंहपुर, गाडरवारा और गोटेगांव में किसे मैदान पर उतारती है। देखना ये भी है कि इस बार जनता का साथ किसे मिलता है। क्योंकि दो दिग्गजों की राजनीतिक साख इस बार नरसिंहपुर में दांव पर लगी हुई है।
Updated on:
03 Oct 2023 08:42 pm
Published on:
03 Oct 2023 05:44 pm
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