
डॉक्टर्स डे पर विशेष खबर
नागौर. जब भी हम शारीरिक या मानसिक रूप से बीमार होते हैं, तो हमारे मन में सबसे पहला विचार डॉक्टर के पास जाने का आता है। छोटी से छोटी समस्या हो या गंभीर बीमारी, डॉक्टर ही एक ऐसा व्यक्ति है जिसके पास मानव शरीर की सभी परेशानियों का उपचार है। डॉक्टर लोगों को नया जीवन देते हैं, इसलिए डॉक्टर को समाज में भगवान का दर्जा दिया जाता है। क्योंकि वही, आपातकालीन स्थितियों में व्यक्ति को बड़ी से बड़ी स्वास्थ्य समस्या से बाहर निकालने का काम करते हैं। मानव जीवन में डॉक्टर की भूमिका का सम्मान करने के लिए हर साल एक जुलाई को डॉक्टर्स डे मनाया जाता है। हर साल डॉक्टर्स डे का विषय अलग-अलग होता है। इस साल राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस 2024 की थीम ‘हीलिंग हैंड्स, केयरिंग हाट्र्स’ है। यह थीम डॉक्टर की ओर से अपने दैनिक अभ्यास में किए जाने वाले समर्पण पर जोर देती है।
डॉक्टर के पेशे का भरोसा कायम रखना हमारी जिम्मेदारी : डॉ. हितेश
जिला मुख्यालय के जेएलएन राजकीय अस्पताल के हड्डी रोग विशेषज्ञ पिछले करीब पौने तीन साल से यहां कार्यरत हैं। इस दौरान इन्होंने 125 से अधिक घुटना एवं कूल्हा प्रत्यारोपण कर दिए, जबकि 700 से अधिक हड्डी से जुड़ेऑपेरशन कर मरीजों को राहत दी है। पहले जहां मरीजों को कूल्हा व घुटना प्रत्यारोपण के लिए बड़े शहरों में जाना पड़ता था, वहां डॉ. चौधरी ने नागौर के जेएलएन अस्पताल में नि:शुल्क प्रत्यारोपण करके जिले के लोगों को बड़ी राहत दी है। डॉ. हितेश कई बार साप्ताहिक अवकाश के दिन भी जेएलएन अस्पताल में ऑपरेशन करने पहुंच जाते हैं। इनका कहना है कि चिकित्सक के पेशे में आत्म संतुष्टि जरूरी है। समाज में डॉक्टर को जो दर्जा दिया है, उसे कायम रखना हमारी जिम्मेदारी है।
सेवाभाव का प्रोफेशन है चिकित्सा : डॉ. कालवी
डॉ. सुरेन्द्र सिंह कालवी जेएलएन अस्पताल में कार्यरत हैं। करीब तीस साल से मरीजों की सेवा में लगे हैं। अपनी ड्यूटी के प्रति खासे सजग रहते हैं। समय से दो मिनट पहले अस्पताल पहुंचना और पूरी जिम्मेदारी निभाना उनकी फितरत है। उनकी बढ़ाई जेएलएन अस्पताल के डॉक्टर्स ही नहीं आम रोगी तक करते हैं। डॉ कालवी का कहना था कि वो एनपीए उठाते हैं तो रेगुलर मरीज घर पर नहीं देखते, फिर भी कोई आ जाए तो मना भी नहीं करते, उससे कोई फीस नहीं लेते। सेवाभाव का प्रोफेशन है, पूरी जिम्मेदारी से काम करना मेरा शौक है। डॉक्टर्स-डे चिकित्सकों के मान-सम्मान के साथ उसको गौरवान्वित करने का दिन है।
बेमिसाल डॉक्टर : डॉ. रणवीर ऐसे डॉक्टर, जो म्यूजिक व स्पोटर्स को भी देते हैं पूरा समय
यूं तो डॉ. रणवीर चौधरी, नागौर शहर में निजी अस्पताल संचालित करते हैं, लेकिन ये समाजसेवा के साथ खेल एवं संगीत में भी विशेष रुचि रखते हैं। विभिन्न बीमारियों को लेकर लोगों में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए डॉ. रणवीर सोशल मीडिया पर जागरूक करते हैं। इसके साथ गायक कलाकार मोहम्मद रफी, मुकेश कुमार व किशोर कुमार की याद में साल में खुद के खर्चे पर तीन संगीत कार्यक्रम आयोजित करते हैं, जिनमें शहर के गायक कलाकारों को गाने का मौका दिया जाता है। साथ ही ये खेल प्रेमी भी हैं, इसलिए अपने खेत में क्रिकेट स्टेडियम बना दिया, जहां समय-समय पर क्रिकेट प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाते हैं। डॉ. रणवीर ने मॉडल स्कूल में खेल मैदान बनाने के लिए भी आर्थिक सहयोग दिया। इनका कहना है- ‘येजिदंगी ना मिलेगी दोबारा, इसलिए जी लो।’
Published on:
01 Jul 2024 11:18 am
बड़ी खबरें
View Allनागौर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
