नागौर. गणगौर शुरू हो गया, और रमजान में चले रोजे समाप्त होने के बाद अब ईद भी आने वाली है, लेकिन इसके बाद भी सफाई व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं आया। हालात इतने खराब हो चुके हैं कि स्थानीय स्तर पर कचरा का उठाव नहीं होने के कारण शहर एवं इसके आसपास के एरिया में अघोषित डंपिग यार्ड खुलने लगे हैं। आवासीय क्षेत्रों के साथ ही विभिन्न रास्तों में भी कई जगहों पर कचरे के पहाड़ खड़े हो गए हैं। हालांकि कागजों पर अनुबंधित एजेंसी सफाई के पेटे लाखों का भुगतान जरूर उठा रही है, लेकिन पड़ताल में सामने आया कि कचरे का उठाव किया ही नहीं जा रहा। यह स्थिति तब है, जबकि अभी शाही गणगौर की शोभायात्रा भी निकलेगी, और बख्तासागर में मेला भी भरेगा।
तीन से छह जोन होने के बाद भी नहीं सुधरे हालात
कचरा प्रबंधन के अभाव में शहर में कई जगहों पर कूड़ाघर खुल गए हैं। कई जगहों पर कचरों के ढेर के साथ नालियों के किनारे के लग रहे गंदगी के पहाड़ों ने स्थिति विकट कर दी है। यह स्थिति केवल नालियों एवं नालों की ही नहीं, बल्कि राजमार्गों से लेकर रिहायसी क्षेत्र के कई मार्गों की है। इसके चलते अब जल, जमीन एवं पर्यावरण के लिए संकट बनते नजर आने लगे हैं। गौरतलब है कि पूर्व में नगरपरिषद की ओर से व्यवस्था को बनाए रखने के लिए तीन से छह जोन कर दिए जाने के साथ ही नई सफाई व्यवस्था को लागू करने का दावा किया गया था। नगरपरिषद ने नकास सफाई सर्किल, संजय सफाई सर्किल, माही दरवाजा सफाई सर्किल, राठौड़ी कुआ सफाई सर्किल, शिवबाड़ी सफाई सर्किल एवं दिल्ली दरवाजा सर्किल बनाए थे। फिर भी व्यवस्था नहीं सुधरी।
कई जगह बने अघोषित डम्पिंग यार्ड
कचरा उठाव को लेकर बरती गई लापरवाही के अब दुष्परिणाम नजर आने लगे हैं। शहर के शहर के बीकानेर रेलवे फाटक के पास स्थित व्यास कॉलोनी से लेकर सघन बस्तियों में बंशीवाला क्षेत्र, कुम्हारी दरवाजा, शिवबाड़ी, किले के पीछे, बाड़ीकुआं, राठौड़ी कुआं एवं केन्द्रीय बस स्टैंड के नजदीक खत्रीपुरा आदि मोहल्लों में सफाई व्यवस्था के नाम पर कई जगह कचरे के लगे ढेर पर्यावरण को अंगूठा दिखाने के साथ पूरी व्यवस्था की तस्वीर दिखा रहे हैं।
साधारण सभा में भी उठ चुका है मुद्दा
कचरा प्रबंधन को लेकर नगरपरिषद की साधारण सभा में भी कई बार हंगामा हो चुका है। पार्षदों में मुजाहिद, धर्मेन्द्र पंवार आदि ने सफाई के मुद्दे को लेकर सभापति को कई सदन में घेरा, लेकिन पूरा मामला हंगामे में खुर्दबुर्द हो गया। सफाई व्यवस्था के यह हाल हैं कि लोढ़ा की पोल से महज डेढ़ सौ मीटर की दूरी पर बंशीवाला मंदिर के रास्ते कई जगहों पर एकत्रित हुए कचरों की स्थिति देखने से साफ है कि कचरे का उठाव केवल कागजों पर ही हो रहा है।
एक नजर इस पर……
शहर में रोजाना होने वाला कचरा-46 टन
कुल सफाई कर्मियों की संख्या-387
ठेके पर लिए गए सफाई कर्मी-120
नगरपरिषद के सफाई कर्मी-267
कुल आटो टिप्पर-58
कुल ट्रेक्टर-3
खुले में कचरा जलाकर हो रहा निस्तारण
बालवा रोड स्थित डंपिंग यार्ड में कचरा निस्तारण वैज्ञानिक तरीके से किए जाने की जगह अक्सर शाम होने पर इनको जलाकर किया जा रहा है। इसकी वजह से वातावरण में खतरनाक गैंसे निकलती है। जिसकी वजह से आसपास के क्षेत्रों में जहरीली गैंसें फैलकर दमघोटूं वातावरण का निर्माण करती है। इसकी शिकायत न्यू हाउसिंग बोर्ड के बाशिंदों ने भी नगरपरिषद में कई बार की। इसके बाद भी निस्तारण आज भी यहां पर खुले में कचरा जलाकर किया जा रहा है।
इनका कहना है…
कचरा का उठाव शहर में नहीं हो रहा है तो इसकी जांच करा ली जाएगी। सफाई व्यवस्था के संदर्भ में पहले ही निरीक्षकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं।
रामरतन चौधरी, आयुक्त नगरपरिषद नागौर