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VIDEO…बालवा रोड के सडक़ों के किनारों पर फेंक जला रहे कचरा, बिगड़ रहे हालात, सो रहे जिम्मेदार

खुली जगह में कचरा जलाकर वायुमण्डल में मीथेन, सल्फर, कार्बन डाय आक्साइड फैला रहे ठेकाकर्मी

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Nagaur news

,Garbage is being thrown and burnt on the roadside of Balwa Road, the situation is worsening, those responsible are sleeping. Googl

प्रबंधन के नाम पर कचरा उठाव कर उसे खुले में जलाने से वातावरण में दुर्गन्ध के साथ स्वास्थ्य पर बना बड़ा खतरा
-निजी एजेंसी के कारिंदों की ओर से गुपचुप कचरा जलाने का चल रहा खेल
-खुले में कचरा जलाने से अस्थमा, जन्म दोष, कैंसर, हृदय रोग, बचपन का कैंसर, सीओपीडी, संक्रामक रोग, जन्म के समय कम वजन और समय से पहले प्रसव का बढ़ा खतरा
नागौर. कचरा प्रबंधन समुचित प्रबंधन नहीं होने का खामियाजा नागौर शहर झेल रहा है। कई जगहों पर खुलेआम नगरपरिषद की ओर से अनुबंधित एजेंसी के कारिंदों की ओर से कचरा जलाकर बेखौंफ न केवल पर्यावरण को खत्म किया जा रहा है, बल्कि शहर के प्रमुख मार्गों में विशेषकर बालवा रोड के दोनों ओर कचरा डाले जाने के साथ ही खुले में इनको जलाए जाने का काम भी अनुबंधित एजेंसी की ओर से पिछले कई दिनों से बेखौंफ धड़ल्ले से किया जा रहा है। कचरा डाले जाने पर जहरीली होती जमीन के साथ ही खुले में बिना किसी वैज्ञानिक प्रबंधन के कचरा जलाए जाने की वजह से इसने पर्यावरण को निगलना शुरू कर दिया है।
प्रवेश करते ही मिलते कचरे के अंबार
रीको एरिया में प्रवेश करने के दौरान बालवा रोड की ओर जाने पर सीधा सामना दोनो ओर रखे गए कचरे के अंबार से होता है। इस ओर कई सरकारी एवं राजकीय शिक्षण संस्थान भी हैं। स्थिति यह है कि इन विद्यायों के सामने से गुजरते पूरे मार्ग पर कचरों का जाल फैला हुआ है। स्थिति यह है कि हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी जाने के लिए रीको इंडस्ट्रीयल एरिया में प्रवेश करने पर सीधा सामना इसी सडक़ से होता है। इन दोनों में से किसी भी जगह जाने के लिए यह मुख्य रास्ता पड़ता है। विशेषकर रीको एरिया या फिर शिक्षण संस्थानों में जाने के लिए इसी रास्ते से जाना होगा। इसका कोई अन्य वैकल्पिक रास्ता भी नहीं है। इस पूरे रास्ते के दोनो ओर के फुटपाथों पर कचरा का अंबार लगा हुआ है। विशेषकर प्रतिबंधित पालीथिन अत्याधिक मात्रा में यहां पर फैली हुई है। फुटपाथ की जमीन के साथ ही पेड़ों एवं कंटीली झाडिय़ों पर भी प्रतिबंधित पालीथिन के कचरा का लगा हुआ अंबार दूर से नजर आ जाता है।
हाउसिंग बोर्ड की कॉलोनियों में पहुंच रहा उड़ता पालीथिन कचरा
इस एरिया में हॉउसिंग बोर्ड कॉलोनी के साथ ही शिक्षण संस्थान के क्लासरूम तक इनकी फैलती दुर्गन्ध की वजह से स्थिति खराब होने लगी है। स्कूल में तो जहां कई बार बच्चों को उल्टियां तक हो जाती है, वहीं कॉलोनीवासी भी इस दुर्गन्ध का असर मिटाने के लिए अपने घरों में सेंट का प्रयोग करते हैं। इसके बाद भी इनका दुर्गन्ध पीछा नहीं छोड़ती है। विशेषकर ऐसे हालात में बच्चों एवं बुजुर्गों के लिए स्थिति बेहद संकटपूर्ण बन गई है। स्थानीय बाशिंदों का कहना है कि उनकी ओर से कई बार यहां डंपिंग यार्ड में कचरा डालने आने वाली गाडिय़ों के चालकों से अनुरोध करते हैं कि वह इसका ध्यान रखें कि उनकी गाडिय़ों व यार्ड का कचरा बाहर न फैले। इसकी अनसुनी कर दी गई। फलस्वरूप फैलते कचरा के कारण अब लोग बीमार होने लगे हैं।
निस्तारण नहीं होने की वजह से सड़ रहा कचरा
सडक़ों के दोनों ओर रखे गए कचरों के अंबार निस्तारण नहीं होने के कारण् कई दिनों से सड़ रहे हैं। कचरा सडऩे के कारण वातावरण में निकलती दुर्गन्ध की वजह से न केवल लोग परेशान हो रहे हैं, बल्कि इसकी वजह से लोगों का आना-जाना भी मुश्किल हो गया है। स्थानीय बाशिंदों के अनुसार खुली गाड़ी में कचरा लाने के बाद इनको यही सडक़ पर पटक दिया जाता है। इसके बाद दोपहर या तडक़े ही जलाने का काम शुरू कर दिया जाता है। कचरा जलने से उठता जहरीला धुआं आसमान केा काला करने के साथ ही पूरे वातावरण में दमघोंटने की स्थिति पैदा कर देता है। यह सिलसिला पिछले कई दिनों से चल रहा है।
पालीथिन का कचरा रोक रहा वाहन चालकों का रास्ता
बताते हैं कि यहां पर चारों ओर एकत्रित हुए कचरा का ढेर तेज हवाओं में तेजी से फैलता है। इस दौरान हवा के साथ उडकऱ पालीथिन भी वाहन चालकों के सीधे मुंह पर आकर गिरती है। इसके चलते कई बार वाहन का संतुलन बिगडऩे पर चोटहिल होना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार पिछले दो माह के अंतराल में इसके चलते सात वाहन सवार चोटहिल हो चुके हैं।
खुले में कचरा जलाने पर वातावरण में फैल रहा जहर
कचरा में आग लगाने एवं नाले में सड़ रहे कचरे से हानिकारक गैस मिथेन, सल्फर, कार्बन डाय आक्साइड, कार्बन मोनो आक्साइड निकलते हैं। यहे पर्यावरण को नुकसान पहुंचाता है। इससे आसपास का वातावरण केवल जहरीला व प्रदूषित होता है, बल्कि यह ओजोन परत को क्षति पहुंचाता है। अपशिष्ट जलना डाइऑक्सिन और फुरान जैसे खतरनाक कार्सिनोजेन्स का एक महत्वपूर्ण स्रोत होने के साथ ही यह ब्लैक कार्बन भी है। यह एक अल्पकालिक जलवायु प्रदूषक माना जाता है। इसका जलवायु परिवर्तन में अहम योगदान रहता है। इसके चलते बर्फ और बर्फ पर कालिख और काले कार्बन के जमाव के कारण ध्रुवीय क्षेत्रों में पिघलने में वृद्धि होती है। इसके अलावा यह अस्थमा, जन्म दोष, कैंसर, हृदय रोग, बचपन का कैंसर, सीओपीडी, संक्रामक रोग, जन्म के समय कम वजन और समय से पहले प्रसव जैसे रोग विकसित होने के कारक बन सकते हैं।

इनका कहना है...
पालीथिन कचरा ही नहीं, बल्कि अन्य कचरा प्रबंधन के लिए परिषद की ओर से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा चुके हैं। इसके बाद भी कचरा परिवहन में असावधानी बरती जा रही है तो फिर इसे देखवा लिया जाएगा।
देवीलाल बोचल्या, आयुक्त नगरपरिषद नागौर