वनांचल में अधिकांश लोग सर्दी और जुकाम से पीडि़त हैं। स्वास्थ्य विभाग दावा कर रहा है कि वनांचल के पहुंच विहिन गांवों में पर्याप्त दवाइयोंं की व्यवस्था कर दी गई है। उसके बाद भी सीएचसी तक मरीजों का पहुंचना विभाग के दावों के पोल खोल रहा है। सावन का महीने में रूक रूक कर बारिश हो रही है। इससे मच्छरों को प्रकोप बढ़ता जा रहा है। मलेरिया जैसी गंभीर बिमारी से लोग पीडि़त होने लगे हैं। सीएचसी केन्द्र में प्रतिदिन 3 सौ से ऊपर ओपीडी पर्ची काटे जा रहे हैं। सभी की एक ही शिकायत है सर्दी खांसी और बुखार। छोटे बच्चों के साथ युवाओं को भी वायरल फीवर ने जकर रखा है।