Maharashtra Politics : एक कार्यक्रम में शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने कहा, मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं और अंतिम सांस तक आम जनता की सेवा करता रहूंगा।
Eknath Shinde on Uddhav Thackeray : महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने यवतमाल में एक सभा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जोरदार हमला बोला है। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘यह आपका नहीं, बल्कि हमारी सरकार है। हमारी सरकार नो रिजन, ऑन द स्पॉट डिसिजन पर काम करती है। हर काम के लिए वजह तलाशने वालों का सीजन अब खत्म हो चुका है।"
शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने विधानसभा चुनाव को लेकर भी उद्धव गुट पर तंज कसते हुए कहा कि "लोकसभा में फेक नैरेटिव बनाया गया था, इसके बाद विधानसभा में अपनी ही सरकार आएगी, यह सोचकर फाइव स्टार होटल तक बुक कर लिया गया था। पहले कहते थे कि जेल में डाल देंगे, ऐसा कर देंगे, वैसा कर देंगे, लेकिन आखिरकार हमारी लाडली बहनों ने ही उनका होटल बुकिंग रद्द करवा दिया।" उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा, डूब गए अहंकार में सारे, अब तो सुधर जाओ प्यारे!
आगे बोलते हुए शिंदे ने ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ पर भी बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि हमारी लाडली बहनों को आत्मनिर्भर बनाना है, उन्हें लखपति बनाना है। हम कोई सोने का चम्मच लेकर पैदा नहीं हुए थे, लेकिन हमने आम आदमी की जिंदगी में सुनहरे दिन लाने का संकल्प लिया है। हमारी सरकार को 100 दिन हो गए हैं और हम पूरी रफ्तार से काम कर रहे हैं। मेरी लाडकी बहनें अब आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। 1500 रुपये से उनके परिवार को बहुत मदद मिली है।
उन्होंने यह भी कहा कि पूरी अर्थव्यवस्था में लाडली बहना नंबर एक पर है। लाडली बहने किसी पर निर्भर नहीं, बल्कि खुद मेहनत कर कर्ज लेकर अपना व्यापार कर रही हैं और एक भी रुपया डूबा नहीं है। यह हमारे लिए गर्व की बात है कि महाराष्ट्र की महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं।
एकनाथ शिंदे ने कहा कि "मैंने जो दिया, वह बिना किसी दिखावे के दिया। मुझे तुकाराम महाराज पुरस्कार से सम्मानित किया गया, लेकिन यह सिर्फ मेरे कारण नहीं, बल्कि जनता के आशीर्वाद की वजह से संभव हुआ। जनता का साथ है तो सभी पुरस्कार और सम्मान साथ हैं।"
उन्होंने आगे कहा कि "मैं एक साधारण कार्यकर्ता हूं और अंतिम सांस तक आम जनता की सेवा करता रहूंगा। सत्ता और पद आते-जाते रहेंगे, लेकिन मुझे लाडला भाई की जो पहचान मिली है, वह मेरे लिए सबसे बड़ा सम्मान है। यही मेरा असली पद और मेरा असली गौरव है।"