
मुरैना. जौरा रोड पर एक तरफ सडक़ का निर्माण तो दूसरी साइड की सडक़ पर पानी भरने से गहरे गड्ढे हो गए हैं। यहां मंगलवार को सुबह सात बजे अनाज की बोरियों से भरा ट्रैक्टर-ट्रॉली गड्ढा में फंसने से जाम लग गया। यह जाम दोपहर तक रहा। कुछ समय के लिए खुल गया और फिर देर शाम तक लगता रहा। राहगीर बोले कि पता नहीं कब किसी वाहन के नीचे आ जाएं क्योङ्क्षक गहरे गड्ढों में दिन में कई वाहन फंसकर पलट रहे हैं।
नेशनल हाइवे क्रमांक 552 मुरैना- जौरा सबलगढ़ मार्ग पर मुरैना गांव से बैरियर चौराहे तक 18 करोड़ की लागत से सडक़ निर्माण का कार्य चल रहा है। लेकिन निर्माण एजेंसी नेशनल हाइवे के अधिकारियों की लापरवाही व अनदेखी के चलते यहां हालात खराब हैं। इस समय पलिया कॉलोनी में दुबे मैरिज गार्डन के पास सडक़ का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी के चलते पूरा ट्रैफिक डंडोतिया मार्केट की साइड से होकर निकल रहा है। उधर नाला ओवरफ्लो होकर सडक़ पर दो से तीन फीट गहराई तक पानी भर रहा है, जिसके चलते सडक़ पर गहरे गड्ढे हो गए हैं। छोटे वाहन जैसे बाइक, ई रिक्शा, ऑटो तो अक्सर दिन भर फंसते रहते हैं। सबसे ज्यादा परेशानी दिव्यांगजन को होती है, उनकी ट्राई साइकिल तो निकल ही नहीं पाती।
जौरा रोड पर सडक़ पर गहरे गड्ढे व पानी भरने के कारण सुबह से देर शाम तक कई बार जाम लगा। रहवासियों का कहना हैं कि पिछले 15 दिन से सडक़ पर हालात खराब हैं, एक वृद्ध का सडक़ के हालात बयां करते समय कंठ भर आया और प्रशासन व जनप्रतिनिधि सभी को कोसने लगा और बोला कि यहां हालात देखकर मेरा तो दिल कांपने लगा है, किस तरह बहू-बेटियां, छोटे-छोटे बच्चे ईरिक्शा व बाइक से गिरकर चोटिल हो रहे हैं। अधिकारी व नेताओं का जमीर मर गया है, जो लोगों की परेशानी से दूर भाग रहे हैं।
जौरा रोड के निर्माण को लेकर नेशनल हाइवे के जिम्मेदार अधिकारी एवं निर्माण एजेंसी के लोग अचानक गायब हो गए हैं। पिछले कुछ दिन से सडक़ का निर्माण कार्य बंद पड़ा है। नियमानुसार अप्रैल माह तक सडक़ का कार्य पूरा होना हैं लेकिन अभी तक एक तरफ की सडक़ का निर्माण पूरा नहीं हो सका है, इसका कारण है कि कार्य सुस्त गति से चल रहा है, अधिकारी भी मॉनीटरिंग नहीं कर रहे हैं, इसलिए एजेंसी मनमानी कर रही है।
15 दिन से सडक़ के हालात खराब हैं, साइलेंसर में पानी भरने से वाहन बंद हो रहे हैं। रिक्शा पलटने से बहू, बेटियां व बच्चे दबकर घायल हो रहे हैं। हालात देखकर मैं बहुत दुखी हूं।
नाले चोक हैं, सडक़ पर पानी भर रहा है, गहरे गड्ढे हो रहे हैं। पूरे दिन जाम लगता है, कुछ समय के लिए खुल जाता है फिर लग जाता है। अधिकारी व जनप्रतिनिधि भी इस सडक़ से निकल रहे हैं।
दिन भर जाम लगता है, दो- दो घंटे बस लेट हो रही हैं, परमिट वाली बसों की लाइन मिस हो रही है, प्रशासनिक अधिकारी व जनप्रतिनिध इस मार्ग से निकलते हैं, लेकिन किसी का ध्यान नहीं हैं।
नेशनल हाइवे व नगर निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सडक़ पर भरे पानी की निकासी की व्यवस्था करें और वहां गिट्टी डलवाई जाए। किसी भी हाल में पानी नहीं भरना चाहिए।
Published on:
02 Apr 2025 02:33 pm

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