कंपनी के इस नए नियम के तहत उन यूजर्स और संस्थान पर कारवाई की जाएगी जो एक साथ कई सारे मैसेज या ऑटोमेटेड मैसेज भेजते हैं। व्हाट्सएप की तरफ से यह कानूनी कारवाई 7 दिसंबर के बाद से की जाएगी। मतलब की अगर आप उन व्हाट्सएप यूजर्स में से एक हैं, जो बल्क में मैसेज भेजते हैं तो आपको 7 दिसंबर के बाद से कानूनी कारवाई का सामना करना पड़ सकता है। कंपनी ने पिछले साल ही बल्क में फैलाए जा रहे अफवाहों और फेस न्यूज़ को रोकने के लिए अपने फॉरवर्डिंग फीचर में बदलाव किया था। इस बदलाव के बाद अब यूजर्स एक समय में सिर्फ 5 लोगों को ही मैसेज फॉर्वर्ड कर सकते हैं।
व्हाट्सएप को यह फैसला इस लिए लेना पड़ा क्योंकि हाल ही में समाप्त हुए लोकसभा चुनाव के दौरान यूजर्स मुफ्त के क्लोन ऐप और सॉफ्टवेयर टूल के जरिए बल्क में मैसेज सेंड करते पाए गए हैं। बात दें यूजर्स बल्क के मैसेज भेजने के लिए GB WhatsApp, JTWhatsApp और बिजनेस सेंडर जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं। ये ऐप्स यूजर्स को एक बार में 100 मैसेज भेजने की क्षमता रखते हैं जबकि ओरिजनल व्हाट्सएप की मैसेज भेजने की क्षमता 30 है। मतलब इन ऐप्स के जरिए व्हाट्सएप की मैसेज भेजने की लिमिट को बढ़ाया जा सकता है।