
Kejriwal Government
नई दिल्ली। दिल्ली विधानसभा ने विपक्ष के कड़े विरोध और वाकआउट के बीच पेट्रोल, डीजल, शराब, शीतलपेय और तंबाकू सहित 14 वस्तुओं पर वैट की दर 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किए जाने संबंधी वैट संशोधन विधेयक को मंगलवार को मंजूरी दे दी। उप मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री मनीष सिसोदिया ने रविवार को मूल्यवर्धित कर प्रणाली (वैट) में संशोधन का प्रस्ताव पेश किया था जिसमें 11 वस्तुओं पर वैट की दर 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 30 प्रतिशत किए जाने का प्रस्ताव था।
विधानसभा में विपक्ष के नेता विजेन्द्र गुप्ता ने वैट बढ़ाने का विरोध करते हुए विधेयक की प्रतिलिपि सदन में फाड़कर फेंकी और भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) के तीनों सदस्यों ने विरोधस्वरूप सदन से वाकआऊट किया। सिसोदिया ने 25 जून को आम आदमी पार्टी(आप) सरकार का पहला बजट पेश करते हुए वैट से 24 हजार करोड़ रूपए के राजस्व की प्राप्ति का लक्ष्य रखा था।
समाप्त वित्त वर्ष में वैट से सरकार को 18 हजार करोड़ रूपए ही प्राप्त हुए जो एक साल पहले की तुलना में करीब दो प्रतिशत अधिक है। चालू वित्त वर्ष के दौरान सरकार ने वैट से 33 प्रतिशत अधिक वसूली का लक्ष्य रखा है। जिन वस्तुओं पर वैट की दरें बढ़ाने का प्रस्ताव पारित किया गया है इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद इनके दामों में भारी बढ़ोत्तरी होने के आसार हैं।
सरकार ने सीएनजी, एलपीजी, पीएनजी और मिट्टी तेल को छोड़कर नाफ्था, विमान ईंधन, स्प्रिट, गैसोलीन , फरनेस ऑयल, वैक्स (मोमबती के उत्पादन के लिए प्रयुक्त पेट्रोलियम वैक्स को छोड़कर) और उपरोक्त उत्पादों के मिश्रण , शराब (विदेशी एवं भारत में बनी विदेशी शराब), देशी शराब, नारकोटिक्स (भांग), सीरा, रैक्टीफाइड स्प्रिट, लॉटरी टिकट, ब्रेक फलुइड, तंबाकू एवं गुटका, कच्चा तंबाकू, बीड़ी तथा हुक्का में प्रयुक्त बीड़ी तथा तंबाकू, शीतलपेय और पांच हजार रूपए से अधिक लागत की घडियां शामिल हैं जिन पर वैट बढ़ाने का प्रस्ताव है।
Published on:
30 Jun 2015 05:47 pm
बड़ी खबरें
View Allविविध भारत
ट्रेंडिंग
