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महाराजगंज के वकील ने भेजा नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को लीगल नोटिस, कहा अयोध्या पर आपके बयान से आहत है देश

विनय कुमार पांडेय का कहना है भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या है जबकि चीन के बहकावे में आकर नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने भगवान राम की जन्मस्थली नेपाल में बताकर देश के लोगों की भावनाएं आहत की हैं। उन्होने बताया कि नेपाली पीएम को नोटिस भेजकर उन्हें अपने बयान पर तुरंत खेद जताने को कहा है।

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नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली शपथ ग्रहण में पहुंचे

नेपाली पीएम केपी शर्मा ओली शपथ ग्रहण में पहुंचे

महाराजगंज. अयोध्या को लेकर दिये बयान के बाद उत्तर प्रदेश के महाराजगंज के वकील और सामाजिक कार्यकर्ता विनय कुमार पांडेय ने नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली को लीगल नोटिस भेजा है। बज़रिये नोटिस उन्होने नेपाल के प्रधानमंत्री ओली से उनके अयोध्या को लेकर दिये गये बयान पर खेद प्रकट करने को कहा है। विनय कुमार पांडेय का कहना है भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या है जबकि चीन के बहकावे में आकर नेपाल के प्रधानमंत्री ओली ने भगवान राम की जन्मस्थली नेपाल में बताकर देश के लोगों की भावनाएं आहत की हैं। उन्होने बताया कि नेपाली पीएम को नोटिस भेजकर उन्हें अपने बयान पर तुरंत खेद जताने को कहा है।

क्या कहा था नेपाली पीएम ने

नेपाल के प्रधानमंत्री के पी शर्मा ओली ने बीते 13 जुलाई भगवान राम और उनकी जन्मस्थली को लेकर आयोध्या को लेकर अजीबोगरीब बयान दे दिया था। पीएम ओली ने दावा किया था कि असली अयोध्या भारत में नहीं बल्कि नेपाल में है और भगवान राम को भी नेपाली बता दिया था। उनके इस बयान की न सिर्फ भारत बल्कि नेपाल में भी आलोचना हुई। नेपाल के तमाम लोगों ने इसे गैरजिम्मेदाराना करार दिया। वहीं विश्व हिंदू परिषद ने कहा कि ओली ने यह बयान विदेशी ताकतों के दबाव में आकर दिया है।

विवाद बढ़ा तो आई सफाई

नेपाली पीएम के बयान के बाद विवाद बढ़ता देख नेपाल के विदेश मंत्रालय ने सामने आकर सफाई दी। 14 जुलाई को नेपाल के विदेश मंत्रालय की ओर से स्पष्टीकरण देते हुए बयान जारी किया गया। बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली का मकसद किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना नहीं था।

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