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डायल 112 की महिला कर्मियों का नहीं बढ़ेगा वेतन, एडीजी नीरा रावत ने 15 मिनट में सुनाया फैसला

UP Dial 112 Women Employees: लखनऊ में पांच दिनों से पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 की महिला कर्मचारी आंदोलनरत हैं। इस मामले में एडीजी नीरा रावत ने अपना फैसला सुना दिया है। आइए जानते हैं 15 मिनट की बातचीत में उन्होंने क्या कहा?

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लखनऊ

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Vishnu Bajpai

Nov 10, 2023

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UP Dial 112 Women Employees Protest: यूपी की राजधानी लखनऊ से शुरू हुए पुलिस हेल्पलाइन डायल 112 की महिला कर्मचारियों के आंदोलन में बड़ा रूप ले लिया है। अब प्रदेश के कई जिलों में महिला कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर सड़क पर आ गई हैं। वहीं लखनऊ में आलमबाग के ईको गार्डन में पिछले पांच दिनों से डायल 112 की महिला कर्मचारियों का धरना जारी है। इस दौरान गुरुवार देर शाम महिला कर्मचारियों और एडीजी नीरा रावत से बातचीत बेनतीजा साबित हुई।

दरअसल, आंदोलन महिला कर्मचारियों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार देर शाम एडीजी नीरा रावत से मिलने पहुंचा था। इस दौरान एडीजी नीरा रावत ने कहा कि उनका वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा। जो मिल रहा है। अभी फिलहाल उतने पर ही काम करना होगा। सभी महिला कर्मचारी जल्दी अपने काम पर लौट आएं। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उनकी बात मानने से इनकार कर दिया। इसके बाद महिला कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने ईको गार्डन पहुंचकर साथियों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद तय किया गया कि सभी मांगें पूरी नहीं होने तक यह धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। सभी कर्मचारी धरनास्‍थल पर दीपावली मनाएंगी।


लखनऊ के आलमबाग स्थित ईको गार्डन में चल रहे महिला कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन को सपा, कांग्रेस समेत तमाम राजनीतिक दलों ने अपना समर्थन दिया है। गुरुवार को कई पार्टियों के नेताओं ने ईको गार्डन पहुंचकर आंदोलनरत महिला कर्मचारियों से मुलाकात की। इस दौरान महिला कर्मचारी हर्षिता और प्रियंका ने मीडिया को बताया कि नीरा रावत ने कर्मचारियों को अपने ऑफिस बुलाया था। जहां उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से साफ कहा है कि उनका वेतन नहीं बढ़ाया जा सकता है। सब लोग उतने वेतन पर काम करें। उन्होंने बताया यह बातचीत मात्र 15 मिनट में खत्म कर दी गई।


लखनऊ में पुलिस हेल्पलाइन में कार्यरत 200 से ज्यादा महिला कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने, स्‍थायी नियुक्ति पत्र देने की मांग करते हुए सोमवार से कार्य का बहिष्कार कर रखा है। अपनी मांगों को लेकर डायल 112 की महिला कर्मचारी सोमवार को सीएम आवास की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पुलिस ने उन्हें जबरन वाहनों में बैठाकर ईको गार्डन पहुंचा दिया था। जहां अभी तक इनका धरना प्रदर्शन अनवरत जारी है। महिला कर्मचारियों का कहना है कि अब सभी ने तय किया है कि पुराने वेतन पर काम नहीं किया जाएगा।


यूपी डायल 112 की महिला कर्मचारी हर्षिता कश्यप ने मीडिया को बताया कि सभी संवाद अधिकारी 11800 से 18 हजार रुपये वेतन करने, सेंटर संचालन का टेंडर पाने वाली सेवा प्रदाता कंपनी से स्‍थायी नियुक्ति पत्र दिलाने समेत अन्य मांगों को लेकर सोमवार से मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन शुरू किया था। वहीं शशि सिंह, पूजा सिंह, हर्षिता कश्यप, प्रतिभा मिश्रा, अंकिता मिश्रा, दीपशिखा वर्मा आदि ने बताया कि विभाग ने टेक महिंद्रा कंपनी को बदलकर वी विन कंपनी को सेंटर संचालक का टेंडर दिया है। तीन नवंबर को वी विन कंपनी ने इसका टेकओवर भी ले लिया, लेकिन अभी तक पुराने कर्मचारियों को ऑफर लेटर तक नहीं दिया। जबकि नई भर्ती भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि वेतन 18 हजार किया जाए और स्‍थायी नियुक्ति पत्र दिया जाए। इसके साथ ही इस धरना प्रदर्शन को टारगेट न किया जाए।


यूपी डायल 112 की आंदोलन महिला कर्मचारियों को लेकर सरकार भी सख्त हो गई है। इस मामले में दो दिन पहले यानी बुधवार को पांच कर्मचारियों को नामजद करते हुए पुलिस ने 200 के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसमें हर्षिता कश्यप, पूजा सिंह, रीना शर्मा, मंजू सोनी और शशि को नामजद किया गया है। इनपर अन्य महिला कर्मचारियों को भड़काने, प्रदर्शन कर रास्ता बाधित करने, इमरजेंसी सेवा रोकने और सरकारी दिशा निर्देशों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया गया है। इससे पहले यानी मंगलवार को लखनऊ मुख्यालय पर इन कर्मचारियों के धरना प्रदर्शन को रोकने के लिए पुलिस ने घेरेबंदी की थी।

महिला कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें पानी लेने से रोका गया। साथ ही उनके वॉशरूम पर भी ताला लगा दिया गया। इसके बाद ही वे मुख्यमंत्री आवास की ओर चल पड़ी थीं। इस दौरान पुलिस ने उनकी झड़प हुई थी। पुलिस के बल प्रयोग करने से एक महिला कर्मचारी बेहोश भी हो गई थी। जबकि एक गर्भवती महिला की हालत बिगड़ गई थी और कई महिलाएं चोटिल भी हुई थीं।