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सपा को झटका, श्वेता सिंह व अशोक बाजपेई ने की भाजपा ज्वाईन

समाजवादी पार्टी के कई चर्चित चेहरों ने पार्टी का दामन छोड़ दिया है।

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लखनऊ

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Abhishek Gupta

Aug 19, 2017

BJP

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लखनऊ. यूपी चुनाव 2017 में करारी हार के बाद समाजवादी पार्टी से कई वरिष्ठ नेताओं के पार्टी से बाहर जाने का सिलसिला जारी। इसी कड़ी में सपा महिला विंग की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष श्वेता सिंह ने भी पार्टी का दामन छोड़ दिया। शनिवार को एक कार्यक्रम में गृहमंत्री राजनाथ सिंह, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा ज्वाईन कर ली। उन्हीं के साथ पूर्व कैबिनेट मंत्री अशोक बाजपेई ने भी भाजपा से नाता जोड़ लिया। दोनों ही पार्टी के बड़े चेहरे थे, जिनका भाजपा ज्वाइन करना सपा के लिए एक बड़े झटके जैसे है।

श्वेता सिंह के लिए पार्टी छोड़ने की स्थितियां साल की शुरूआत में ही तब बनने लगी गई थी, जब सपा के भीतर ही बड़ा विवाद खड़ा हो गया था, जिसे यूपी चुनाव में हार का भी मुख्य कारण मान जा रहा है। उस वक्त श्वेता सिंह ने मुलायम सिंह यादव का पक्ष लिया था। वहीं अखिलेश यादव को जैसे ही प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया तब श्वेता सिंह को सपा की प्रदेश महिला अध्यक्ष के पद से हटा दिया था।

ये काफी नहीं था, तो लखनऊ पूर्व से श्वेता का सपा का टिकट भी अखिलेश यादव द्वारा काट दिया गया और उनकी जगह पर अखिलेश यादव ने अपने करीबी अनुराग भदौरिया को टिकट दे दिया गया था, जिन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा था।

वहीं पार्टी के एमएलसी रहे अशोक बाजपाई ने भी पार्टी से इस्तीफा देने के बाद कहा था कि समाजवादी पार्टी का जन्म ढ़ाई दशक पहले एक विचारधारा के रूप में हुआ था, लेकिन अब यह पार्टी समाजवादियों की नहीं रह गई है, इसलिए घुटन महसूस हो रही है। अखिलेश यादव पर कोई खास टिप्पड़ी न करते हुए उन्होंने कहा कि वह पुत्रवत हैं और उनपर को टिप्पड़ी नहीं करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भाजपा को देश की जनता ने अपना विश्वास सौंपा है। आज भाजपा आम आदमी की आकांक्षाओं का बिंब है।

केशव का अखिलेश पर हमला-

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कार्यक्रम में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा मुख्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के मुखिया अपनी पार्टी नहीं चला पा रहे हैं, कार्यकर्ताओं को नहीं संभाल पा रहे हैं। यहां तक कि उनके नेता भी नहीं सम्भल पा रहे हैं, तो ऐसे अक्षम सपा मुखिया को अपना पद छोड़ देना चाहिए।

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