वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ को चुनने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले को अखबार ने आश्चर्यजनक बताया है। अखबार ने अपने आर्टिकल में लिखा है कि नरेंद्र मोदी तीन साल पहले सत्ता में आए थे तो वो विकास करने की बात कहते थे, लेकिन अब भारत को 'हिन्दू राष्ट्रÓ में बदलने के अभियान ने मोदी के विकास के एजेंडे को पीछे छोड़ दिया है और उनकी सरकार में देश के 17 करोड़ मुसलमान सामाजिक और माली तौर पर हाशिए पर जा पहुंचे हैं। अखबार ने लिखा है कि यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के भाषणों में नफरत दिखाई देती है।