Aurangzeb Tomb Dispute: महाराष्ट्र के नागपुर में औरंगजेब की कब्र विवाद ने हिंसा का रूप ले लिया है। अब इस मामले पर बसपा प्रमुख मायावती का रिएक्शन सामने आया है।
Aurangzeb Tomb Dispute: मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को लेकर शुरू हुई राजनीति तुल पकड़ते जा रही है। महाराष्ट्र के नागपुर में सोमवार शाम हिंसा भड़क उठी, जब औरंगजेब की कब्र हटाने की मांग को लेकर एक दक्षिणपंथी संगठन के प्रदर्शन के दौरान धर्मग्रंथ जलाए जाने की अफवाह फैल गई। मध्य नागपुर के चिटनिस पार्क इलाके में हुई इस घटना के दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया, जिससे छह आम नागरिक और तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस पूरे विवाद पर अब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
औरंगजेब कब्र विवाद पर बसपा प्रमुख मायावती ने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर पोस्ट किया और लिखा, “'महाराष्ट्र में किसी की भी कब्र व मजार आदि को क्षति पहुंचाना व तोड़ना ठीक नहीं, क्योंकि इससे वहां आपसी भाईचारा, शांति व सौहार्द आदि बिगड़ रहा है। सरकार ऐसे मामलों में खासकर नागपुर के अराजक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करे वरना हालात काफी बिगड़ सकते हैं, जो ठीक नहीं।”
हाल ही में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल जैसे संगठनों ने महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर जिले में स्थित मुगल बादशाह औरंगजेब की कब्र को हटाने की धमकी दी, जिससे इलाके में तनाव बढ़ गया। इस स्थिति को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने समाधि स्थल और उसके आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
विहिप द्वारा मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को सौंपे गए ज्ञापन में औरंगजेब के विवादास्पद इतिहास, खासकर मराठों के साथ हुए संघर्षों का उल्लेख करते हुए इसकी कब्र को ‘दर्द और गुलामी’ का प्रतीक बताकर हटाने की मांग की गई। ज्ञापन के बाद, पुलिस ने खुल्दाबाद शहर के प्रवेश द्वार से लेकर समाधि स्थल तक कई सुरक्षा चौकियां स्थापित कर दीं।