
House Of Himalayas: उत्तराखण्ड के स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग/पैकेजिंग/ ब्रान्डिग के लिए सबसे बड़े अम्ब्रेला ब्रान्ड के रूप में उभर रहे ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ को बड़े स्तर पर विकसित किया जाएगा। जल्द ही इसके स्टोर नई दिल्ली के कनॉट प्लेस समेत देश के अन्य मुख्य स्थानों पर खोले जाएंगे। इसकी योजना पर कार्य शुरू कर दिया गया है। मंगलवार को एनडीएमसी ने इस सम्बन्ध में अपनी सहमति भी दे दी है। इसके साथ ही ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के कार्यो को गति देने हेतु मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने हाउस ऑफ हिमालया से सम्बन्धित विभागों के साथ नियमित रूप से प्रत्येक माह समीक्षा बैठक का निर्णय लिया है।
‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ की मांग के तहत पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए मंगलवार को उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने महिला स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय लोगों से स्थानीय उत्पादों की अधिकाधिक खरीद सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर मुख्य सचिव राधा रतूड़ी की अध्यक्षता में मंगलवार को सचिवालय में हाउस ऑफ हिमालया की प्रथम बोर्ड मीटिंग सम्पन्न हुई। सीएस ने बैठक के एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा के बाद इस पर सहमति प्रदान की।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि उत्तराखण्ड के विभिन्न विभागों की परियोजनाओं/पहल के माध्यम से प्रचलित उनके सभी ब्राण्ड्स को अम्ब्रेला ब्राण्ड के तहत लाने की योजना पर काम करें। इसके साथ ही स्थानीय उत्पादों लोगों तक पहुंच बढ़ाने, गुणवत्ता, ब्राण्डिंग और विपणन में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ग्लोबल प्लेटफॉर्म साबित होगा। उन्होंने कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों माध्यम से स्थानीय उत्पादों की खरीद से राज्य में महिला सशक्तीकरण का एक नया अध्याय आरम्भ होगा।
मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने कहा कि राज्य स्तर पर ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के रूप में कम्पनी के गठन से स्थानीय हितधारकों, स्वयं सहायता समूहों, किसानों व स्थानीय उत्पादकों की आजीविका संवर्द्धन कर उन्हें उनकी फसलों व उत्पादों का बेहतर मूल्य प्राप्त होगा। बैठक में सचिव राधिका झा, अपर सचिव मनुज गोयल, निकिता खण्डेलवाल और अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
उत्तराखंड की ग्राम्य विकास सचिव राधिका झा ने बताया “हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड का ब्रांड है। इसमें हिमाद्री, हिलांस समेत तमाम समितियों, स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को एक छतरी के नीचे लाया गया है। यानी हाउस ऑफ हिमालयाज उत्तराखंड का ब्रांड नाम हो गया है। जैसे टाटा या अन्य कंपनियों का एक नाम चलता है और विभिन्न उत्पाद बाजार में आते हैं। उसी तरह यह ब्रांड नाम चलेगा। उत्तराखंड के तमाम ब्रांड और उत्पाद इसी नाम के साथ बाजार में मिलेंगे।”
Updated on:
14 May 2024 07:48 pm
Published on:
14 May 2024 07:47 pm
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