
Building material Price increased New Rates of Maurang, Saria and cement
आम आदमी के लिए आशियाना बनाना भी एक सपना हो गया है। ईंट, बालू, सरिया, सीमेंट की कीमत में बढ़ोतरी हो गई है। महंगाई का असर साफ तौर पर निर्माण पर देखा जा रहा है। महंगाई को देखते हुए लोग अब बजट के मुताबिक ही काम करा रहे हैं। दरअसल, सरकार ने ईंट-भट्ठा उद्योग पर गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (जीएसटी) की दर छह प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इस कारण ईंट खरीदने वाले लोगों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
अब तक ईंट भट्ठा मालिकों को महज एक फीसदी ही टैक्स देना पड़ता था। छह प्रतिशत टैक्स देने से प्रति हजार ईंटों में बढ़ोत्तरी हो गई है। देशभर में एक साथ ईंट के दाम बढ़ गए हैं। दिनोंदिन बढ़ती कीमत से आम आदमी अपना एक अदद मकान बनाने के लिए कशमकश में है। बढ़ती कीमत पर उसका कोई वश नहीं। आमदनी सीमित होने और कीमत बढ़ने से उसका बजट गड़बड़ा रहा है। उत्तर प्रदेश के साथ साथ मध्यप्रदेश, उत्तराखंड आदि प्रदेशों में भी दामों में बढ़ोत्तरी हुई है।
जीएसटी बढ़ने का पड़ा असर
ईंट भट्ठा कारोबारियों का कहना कि जीएसटी बढ़ने से ईंट भट्ठा मालिकों के सामने रेट बढ़ाए जाने की मजबूरी है। उनके पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है। कोयला, लेबर से लेकर सबकुछ मंहगा होता जा रहा है। अधिकतर लोग मकान के निर्माण में एक नंबर ईंट का ही प्रयोग करते हैं।
निर्माण में बजट बिगड़ा
मौरंग, गिट्टी, बालू का व्यापार करने वाले कारोबारियों का कहना कि पिछले एक वर्ष से निर्माण की सभी वस्तुओं पर बेतहाशा वृद्धि हुई है। मंहगाई बढ़ जाने पर निर्माण करा रहे लोगों का बजट बिगड़ जाता है। इस कारण लोग निर्माण कार्य सीमित ही कराते हैं। इन दिनों बिक्री काफी ढीली चल रही है।
पिछले एक साल में कीमत में आया फर्क
सामान -- तब - अब
सीमेंट -- 320 - 380
सरिया -- 6200 - 6800
आरसीसी -- 4800 - 5500
मोरंग -- 3500 - 5000
मिस्त्री -- 500 - 700
मजदूर -- 300 - 400
अव्वल ईंट -- 10000 - 11000
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Published on:
25 Jul 2022 04:36 pm
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