
फूड पॉइजनिंग की वजह से हुई थी सिकंदर की मौत
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस (World Food Safety Day) हर साल 7 जून को मनाया जाता है। यह दिन सुरक्षित और स्वस्थ भोजन को बढ़ावा देने और खाद्य सुरक्षा से जुड़े जोखिमों को रोकने,उनकी पहचान करने और उन पर प्रतिबंध लगाने ने पर जोर देता है। आधी दुनिया जीतने वाला सिकंदर फ़ूड पॉइज़निंग से मर गया था।
क्या है खाद्य सुरक्षा
खाद्य सुरक्षा (food safety) का मतलब हमारे भोजन और खाद्य सामग्रियों में मौजूद खतरों के प्रति अनदेखी है, जो हमें स्वास्थ्य संबंधी गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए उत्पादन से लेकर कटाई, प्रोसेसिंग, भंडारण, वितरण, तैयारी और उपभोग तक खाद्य श्रृंखला के हर चरण में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस दिन की महत्वपूर्ण भूमिका है। खाद्य सुरक्षा के महत्व को आमजन को समझाने के लिए हर साल विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया जाता है। आइए जानते हैं, विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस से जुड़े कुछ महत्त्वपूर्ण तथ्यों के बारे में-
-हर साल, दुनियाभर में 60 करोड़ (600 मिलियन) लोग खाद्य जनित रोगों से बीमार पड़ते हैं।
-इतना ही नहीं, दुनियाभर के विकसित और विकासशील देशों में सालाना 30 लाख लोग भोजन और प्रदूषित जल के कारण हुई बीमारियों से मर जाते हैं।
-फूड पॉइजनिंग का दुनिया का पहला मामला लिखित प्रमाणित मामला 323 ईसा पूर्व का है।
-सिकंदर की मौत के लक्षणों और ऐतिहासिक अभिलेखों का अध्ययन करने वाले मैरीलैंड विश्वविद्यालय के एक डॉक्टर के अनुसार, माना जाता है कि सिकंदर की मृत्यु साल्मोनेला के कारण टाइफाइड बुखार से हुई थी।
-1202 ईस्वीं में ब्रिटेन के शासक किंग जॉन ने 'द असीज ऑफ ब्रेड' के रूप में पहला ब्रिटिश खाद्य कानून लागू किया था जिसमें, मटर और बीन्स से ब्रेड बनाए जाने के फर्जी दावों पर प्रतिबंध लगाया गया था।
-अनुमान है कि दुनियायभर में सालाना करीब 60 करोड़ खाद्य जनित रोग सामने आते हैं।
-दुनिया में 10 में से एक व्यक्ति विषाक्त या अनहैल्दी खाने खाने से बीमार हो जाते हैं
-5 साल से कम उम्र के 40 फीसदी बच्चे फूड पॉइज़निंग से पीडि़त होते हैं। इनमें 125000 बच्चे सालाना मर जाते हैं।
-2018 में विश्व स्वास्थ्य संगठन की ओर से पहली बार विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस मनाया गया था।
-2021की विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस की थीम है- 'आज का सुरक्षित भोजन स्वस्थ भविष्य का कल' है।
-खाद्य पदार्थों के पैकेट्स पर पड़ी तारीख के चलते उसे खराब मान लेने के कारण हर साल 20 फीसदी खाद्य सामग्री कचरे में फेंक दी जाती है।
Published on:
07 Jun 2021 02:38 pm

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