
Lata ka Kota Connection : कोटा के एक प्रशंसक को लता ने खुद भेजा था फोटो
कोटा.पाश्र्वगायिका लता कभी कोटा नहीं आई, न ही क्षेत्र से उनका कोई नाता रहा, लेकिन स्वर साम्राज्ञी ने अपनी आवाज से दुनिया भर को अपना कायल बना लिया था। कोटा में भी स्वर कोकिला के काफी दीवाने थे। आनंद विहार, बजरंग नगर के वीरुमल दयानी तो लता के ऐसे प्रशंसक हैं कि वे लता को हर वर्ष जन्म दिन (28 सितम्बर) पर बधाई पत्र भेजते थे।
खास बात यह थी कि लता भी वीरूमल के बधाई संदेश पर अक्सर रिप्लाई करती थी। यहां तक कि वह प्रशंसकों का इतना सम्मान करती थी कि वीरुमल को बधाई संदेश पर रिप्लाई देते हुए अपना फोटो भी भेजा था। यह फोटो व बधाई संदेश का जवाब दयानी के पास 55 वर्षों से आज भी सुरक्षित है।
पत्र व फोटो को दिखाकर दयानी भावुक हो गए। उन्होंने पत्रिका को बताया कि वह हर वर्ष जन्मदिन पर बधाई देते थे। 1967 में भेजे बधाई संदेश पर धन्यवाद के साथ लता ने उन्हें फोटो भी भेजा। दयानी खुद अभी 82 वर्ष के हैं। उन्हें गायन व वादन का शौक है। जब भी वह संगीत की साधना करते हैं, लता का स्मरण करते हैं।
आशा का अंदाज अलग
वह बताते हैं कि लता के जाने के साथ ही एक युग का अंत हो गया। इस युग में तो नहीं लगता कि कोई दूसरी लता जन्म लेगी। वह साक्षात सरस्वती का रूप थी।वह लता की बहन आशा को भी श्रेष्ठ पाŸवगाकिा मानते हैं लेकिन उनकी गायकी का अंदाज व शैली अलग है। अभी जो सिंगर हैं, उनमें वह अनुराधा पौडवाल के भी प्रशंसक हैं।
मुम्बई भी गए थे दयानी
दयानी बताते हैं कि वह लता से मिलने के लिए वह एक बार प्रभु कुंज मुम्बई भी गए थे। लता कहीं रिकॉर्डिंग के लिए गई थी,इस कारण मिल नहीं सकी थी, बहन उषा मंगेशकर मिली थी।
Published on:
11 Feb 2022 01:05 am
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