
एनएफ और सुपर एफ के मकान तोड़े जाएंगे
पिछले सप्ताह सुपर एफ के मकान का छज्जा भरभराकर गिर गया था। इस घटना के बाद आवास आवंटन समिति द्वारा मकानों की स्थिति का जायजा लिया गया। इसमें पाया गया कि मकानों की स्थिति बेहद जर्जर हो चुकी है। मकान कभी भी ढह सकते हैं बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे जर्जर मकानों की सूची तैयार की गई है। इसमें कुल ४२८ मकान जर्जर हालत में है। तोडऩे से पहले लोगों को हिदायत दी जा रही है कि जल्द से जल्द नया मकान आवंटन के लिए आवेदन करें ताकि उन्हें दूसरा मकान आवंटित किया जा सके। इसके बाद सभी मकानों को तोडऩे का काम शुरु किया जाएगा।
तोड़े जाने वाले मकानों में 194 में बाहरी लोगों का कब्जा
तोड़े जाने वाले कुल 428 मकानों में 226 में विद्युत कर्मी निवासरत हैं जबकि 38 मकानों में अन्य शासकीय विभागों के कर्मियों का कब्जा है जबकि 156 में बाहरी लोग रह रहे हैं। एक तरह से बाहरी लोगों को खदेडऩे के लिए यह मुहिम चलाई जा रही है जिसपर विभाग अब तक असफल साबित हो रहा था।
बड़ी चुनौती: 226 मकान खाली नहीं, कैसे होंगे कर्मी शिफ्ट
कंपनी के अधिकारियों के सामने एक और बड़ी चुनौती यह है कि तोड़े जाने से पहले २२६ बिजली कर्मियों को दूसरे मकान में शिफ्ट करना। कंपनी के पास अभी इतने मकान खाली नहीं है। अगर उन्हें एसएफ की बजाए एसई भी देना चाहे तो भी मकान खाली नहीं है। अगर कहीं मकान खाली भी मिल रहा है तो कर्मी वहां जाएंगे की नहीं यह भी एक सवाल है।
नए मकान बनाने में कंपनी की रुचि नहीं
उत्पादन कंपनी नए मकान बनाने को लेकर रुचि नहीं ले रही है। करीब १५ ब्लॉक पूरी तरह से तोड़ दिए जाएंगे। एनएफ के तीन मंजिला वाले सभी मकानों को तोड़ दिया जाएगा। आने वाले दिनों में संयंत्र का विस्तार होता है तो नए कर्मियों के लिए मकानों की कमी होगी।
Published on:
17 Sept 2022 07:36 pm

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