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जल संकट : शहर में 17.60 करोड़ लीटर पानी कम आया तो हाइवे पर उतरी महिलाएं, SDM ने FIR की दी धमकी

शहर की प्यास बुझाने हर रोज 5.50 करोड़ लीटर ( 55 एमएलटी ) पानी का उत्पादन हो रहा है। इसमें नर्मदा लाइन का 4.40 करोड़ लीटर ( 44 एमएलडी ) और सुक्ता का 1.20 करोड़ लीटर ( 10-12 एमएलडी ) के साथ ही निगम के 285 नलकूपों का पानी शामिल है।

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खंडवा

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Rajesh Patel

Apr 14, 2025

Water crisis

शहर में जलापूर्ति बाधित हुई तो गहराया पेयजल संकट, हाइवे पर उतरीं महिलाएं

भीषण गर्मी में बार-बार नर्मदा पाइप लाइन फूटने से 13 दिन में चार दिन के भीतर 17.60 करोड़ लीटर पानी का वितरण नहीं हुआ तो चहुंओर पानी के लिए हाहाकार मच गया। नाराज महिलाओं ने हाइवे जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहीं महिलाओं को एसडीएम ने एफआईआर दर्ज करने की धमकी दी। इस पर महिलाओं ने कहा कि पानी मांगना अपराध तो नहीं है।

इमरजेंसी सेवा में 15 लाख लीटर जलापूर्ति

निगम ने इमरजेंसी सेवा में प्रतिदिन 15 लाख लीटर से अधिक पानी पार्षदों के माध्यम से टैंकरों से सप्लाई की जा रही है। फिर भी ऊंट के मुंह में जीरा साबित हुआ। नगर निगम क्षेत्र में सीपीएचइइओ के पैमाना के तहत 3.90 करोड़ लीटर पानी हर रोज चाहिए, निगम की विभिन्न संस्थाओं से शहर में हर रोज 5.50 करोड़ लीटर जलापूर्ति हो रही है। इमरजेंसी सेवा से प्यास बुझाने हर रोज 10 से 15 लाख लीटर पानी की सप्लाई हो रही है। फिर भी नहीं संभल रही व्यवस्था

जलापूर्ति में 1.60 करोड़ लीटर पानी का हिसाब नहीं

शहर की प्यास बुझाने हर रोज 5.50 करोड़ लीटर ( 55 एमएलटी ) पानी का उत्पादन हो रहा है। इसमें नर्मदा लाइन का 4.40 करोड़ लीटर ( 44 एमएलडी ) और सुक्ता का 1.20 करोड़ लीटर ( 10-12 एमएलडी ) के साथ ही निगम के 285 नलकूपों का पानी शामिल है। फिर भी शहर की प्यास नहीं बुझ रही। केंद्रीय जन स्वास्थ्य और अभियांत्रिकी संगठन ( सीपीएचइइओ ) के मापदंड के तहत शहर में 2.90 लाख लोगों को प्रतिदिन 3.90 करोड़ लीटर ( 39 एमएलडी ) पानी चाहिए। खपत से 1.60 करोड़ लीटर (16 एमएलडी ) पानी ज्यादा सप्लाई हो रही है। इसके बावजूद जलापूर्ति की व्यवस्था बेपटरी हो गई है।

दो वार्ड की महिलाओं ने किया प्रदर्शन, नोकझोंक

रविवार की सुबह वार्ड नौ और वार्ड नंबर चार में नर्मदा लाइन की सप्लाई नहीं पहुंची तो महिलाओं का आक्रोश हाइवे पर आ गया। इंदिरा चौक और माता चौक पर महिलाओं ने मानव श्रृंखला बनाकर चक्का जाम कर दिया। जसवाड़ी मार्ग पर दो जगहों पर महिलाओं को शांत कराने अफसरों के हाथ पांव फूल गए। इस दौरान महिलाओं और अधिकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। दोनों जगहों पर सुबह पांच-पांच टैंकर भेजे और दोपहर में सप्लाई शुरू की।

इंदिरा चौक पर सुबह चक्का जाम, दोपहर चालू की सप्लाई

-एसएन कॉलेज के पीछे से इंदिरा चौक पर शीतला माता मंदिर गली की महिलाओं ने चक्का जमा कर दिया। बुजुर्ग महिला बाटल लेकर बीच सड़क पर प्रदर्शन करने लगी। महिलाओं ने कहा कि नर्मदा का पानी नहीं मिल रहा है। टैंकर का पानी बदबूदार आ रहा हैै। पीने योग्य नहीं है। हर साल ये समस्या होती है। इसका ठोस हल नहीं किया जा रह है। महिलाओं और अधिकारियों के बीच नोकझोंक हुई। एसडीएम ने पांच टैंकर पानी तत्काल मंगवाए। वितरण शुरू कराया। इसके बाद मामला शांत हुआ। उपायुक्त एसआर सिटोले ने कहा कि दोपहर 12 बजे सप्लाई शुरू हो गई। सुक्ता और नर्मदा पाइप लाइन की करीब पचास मीटर पाइप लाइन का कार्य शुरू कर दिया गया है।

माता चौक पर महिलाओं ने मानव श्रृंखला बना मार्ग किया जाम

पानी नहीं मिलने से नाराज महिलाएं माता चौक पर बर्तन लेकर पहुंची। चौराहे पर मानव श्रृंखला बनाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। महिलाओं ने आपूर्ति की मांग की। आरोप लगाए कि टैंकर का पानी नहीं मिल रहा है। पुलिस पहुंचकर समझाइश दी। अधिकारियों ने प्रदर्शन के दौरान टैंकर भेजकर वितरण शुरू कराया। दोपहर सप्लाई चालू की। महिलाओं का आरोप है कि टैंकर का पानी पहचान कर दिया जा रहा है।

एसडीएम की धमकी पर महिलाएं बोलीं, पानी मांगना अपराध

महिलाओं और निगम के नेता प्रतिपक्ष मुल्लू राठौर ने एसडीएम पर एफआईआर दर्ज कराने की धमकी देने का आरोप लगाया है। प्रदर्शन के दौरान एसडीएम ने कहा कि बगैर सूचना किसी मार्ग जाम नहीं कर सकते हैं। एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह ने महिलाओं को नियम का हवाला देते हुए कहा कि इस पर दर्ज हो सकता है। महिलाओं ने एसडीएम पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए धमकाने का आरोप लगाया।