
कानपुर. बीहड़ में आतंक के पर्याय रहे डकैत फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन को मंगलवार को आजीवन कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई गई। दोनों ने 50 लाख की फिरौती न मिलने पर कल्याणपुर से अगवा रिटायर्ड उपनिदेशक का कत्ल उसका कत्ल किया था। 22 साल की लंबी सुनवाई के बाद यह फैसला आया है। फक्कड़ बाबा और कुसुमा नाइन दोनों बीहड़ में लंबे समय तक आतंक का पर्याय बने रहे। इन पर 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें अपहरण और फिरौती न मिलने पर कत्ल करने के ज्यादातर मामले हैं।
अपहरण और हत्या के मामले में मंगलवार को जब जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई तो कुसुमा नाईन के चेहरे के साथ उसकी आंखें लाल थीं। कोर्ट से बाहर आते ही वह फक्कड़ बाबा को घूरते हुए बोली- बाबा तेरे कारण सजा हुई, जंगल में होते तो राज कर रहे होते। कानपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट-52 ने महिला डकैत के साथ ही इसके गुरू फक्कड बाबा को बराबर का दोषी मानते हुए उसे भी आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
लोगों की आंख निकाल लेती थी कुसुमा नाइन
कुसुमा नाईन का बीहड़ में एक दशक तक राज रहा। सैकड़ों लोग इसे यमुना-चंबल की शेरनी की नाम से पुकारते थे, जो जिंदा इंसानों की आंख निकाल लेती थी। यूपी-एमपी और राजस्थान की पुलिस ने इसको दबोचने के लिए कई बार जाल बिछाया, पर हर बार ये गच्चा देकर निकल जाती रही। आयाराम-गयाराम से जब जीभर गया तो इसने अपनी मर्जी से पुलिस के समक्ष सरेंडर कर दिया। कुख्यात बैंडिड क्वीन को कानपुर की सेंट्रल जेल में रखा गया था।
1995 में फिरौती के लिए हुआ था अपहरण
वकील सरला गुप्ता ने बताया कि कल्याणपुर निवासी पवन कुमार शर्मा के पिता हरदेव आदर्श शर्मा उप निदेशक गृह के पद से रिटायर हुए थे। उप निदेशक गृह के बेटे पवन के सपा नेता प्रभा कटियार से परिवारिक संबंध थे। प्रभा कटियार ने पवन को एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए चार जनवरी 1995 को इटावा के जुहरिया गांव बुलवाया। पवन पढ़ाई के चलते खुद न जाकर अपने पिता को भेज दिया। लेकिन इसी दौरान सपा नेता निर्मला गंगवार व उनके साथियों ने पवन के पिता का अपहरण कर लिया और डकैत फक्कड़ बाबा को 25 लाख में बेच दिया। वहीं तीन दिन तक जब पिता की जानकारी नहीं हुई तो वो जुहरिया गांव गया और वहां जाकर उनकी खेजबीन की। लेकिन पिता का कहीं सुराग नहीं मिला। इसके बाद पवन सात जनवरी 1995 को अपने एक दोस्त के पास गया। जहां से उसे अपने पिता का सुराग लगा।
50 लाख दो पिता को ले जाओ
वकील ने बताया कि पवन किसी तरह से सुराग लगाते हुए पिता के करीब पहुंच गया। तभी उसे प्रभा नाम की महिला ने पिता के अपहरण होने की जानकारी दी। वो डकैतों से मिलने के लिए एक बिचौलिए के जरिए बीहड़ में गया। बिचौलिया उसे एक जगह ले जाया गया जहां पर पहले से सात असलहाधारी व्यक्ति खड़े थे। वहीं पर दस्यु सरगना रामआसरे उर्फ फक्कड़ और कुसुमा नाइन से मिले और उन्होंने फिरौती का पत्र भी दिया। पवन ने पैसा न होने की असमर्थता भी जताई। ऐसे में उसे पैसा लाने के लिए छोड़ दिया गया। आठ जनवरी 1995 को सहसो थाना में हरदेव आदर्श का शव मिला। चौकीदार सेवाराम की जानकारी में पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पवन कुमार शर्मा की तहरीर पर पुलिस ने धारा 365, 302 और 34 आईपीसी की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की। एफटीसी-52 अफसा की कोर्ट ने दोनों डकैतों को उम्रकैद की सजा और 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
पैसे नहीं देने पर पिता का मर्डर
वकील ने बताया कि जब पवन पिता को तलाशते हुए बीहड़ पहुंचा तो वहां पर उससे दस्यु सम्राट रामआसरे उर्फ फक्कड़ और कुसुमा नाइन से मिलवाया गया। इस दौरान कुसमा ने पवन को गाली-गलौज के साथ पीटा और कहा था कि हमने तेरे पिता को सपा नेता से 25 लाख रुपए में खरीदा है। पिता को छुड़ाना चाहते हो 50 लाख रुपए लेकर आओ और उनको। पवन ने कुसुमा नाइन के पैर पकड़ कर पिता को छोड़ने की गुहार लगाई, लेकिन कुख्यात डकैत को तरस नहीं आई और जल्द से जल्द पैसे की व्यवस्था करने की बात कहकर भगा दिया गया। पवन पैसे की व्यवस्था कर ही रहा था कि उसे नहर के किनारे पिता के शव की मिलने की जानारी मिली। डकैतों ने उपनिदेश की गोली मारकर बेहरमी से हत्या कर दी थी।
22 साल बाद पवन को मिला न्याय, बेचने वाले बचे
1995 की घटना को अंजाम देने वालों को सजा 22 साल के बाद मिली। सजा के एलान के बाद पीड़ित पक्ष को राहत महसूस करते हुए कहा कि कोर्ट में हमारी तरफ से दलीलें ठीक तरह से दी गई थीं और हमें उम्मीद थी कि दोनों को सजाए मौत मिलती। लेकिन कोर्ट ने उम्रकैद की सजा दी है। फैसले की कॉपी मिलने के बाद हम इन्हें और कड़ी से कड़ी सजा मिले इसके लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। वहीं पूरे मामले में साक्ष्यों के अभाव में डकैत और सपा नेता समेत सात आरोपी बरी हो चुके हैं। उम्रकैद की सजा सुनाए जाने के बावजूद फक्कड़ और कुसुमा के चेहरे पर किसी भी तरह की शिकन नहीं थी, जबकि डकैत कुसुमा नाईन आग बबूला थी।
Updated on:
01 Nov 2017 02:23 pm
Published on:
01 Nov 2017 08:22 am
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