इन अस्पतालों के मरीज डिस्चार्ज
जाजमऊ के ईएसआई अस्पताल, रामादेवी स्थित कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं टामा सेंटर और हैलट के कोविड-19 हॉस्पिटल से कोरोना संक्रमण से ठीक होने वाले 61 लोगों को तालियां बजाकर डॉक्टरों एवं कर्मचारियों ने विदाई दी। इसमें ढाई वर्ष की बच्ची और आठ पुलिसकर्मी भी थे, सभी ने बेहतर इलाज व देखभाल के लिए मेडिकल टीम का आभार जताया। सीएमओ डाॅक्टर अशोक कुमार शुक्ला ने ठीक हुए लोगों से घरों पर सोशल डिस्टेसिंग का पालन किए जाने को कहा।
ईएसआई से 29 मरीज डिस्चार्ज
सीएमओ ने बताया कि जाजमऊ स्थित ईएसआई अस्पताल में 52 कोरोना पॉजिटिव भर्ती थे, जिसमें 29 पॉजिटिव मरीजों की तीसरी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। इन सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया। सीएमओ के मुताबिक अस्पताल में कुली बाजार, मुन्नापुरवा और कर्नलगंज के मरीज भर्ती थे। इनमें एक दंपती व उनकी ढाई वर्ष की बच्ची भी थी। ठीक हुए मरीजों में से 13 महिलाएं, 15 पुररुष व एक बच्ची को स्वस्थ होने पर घर भेजा गया। इनमें 60 से 70 वर्ष आयु वाले आठ लोग भी हैं।
हैलट-ट्रामा से भी मरीज डिस्चार्ज
सीएमओ के मुताबिक कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय एवं ट्रामा सेंटर में भर्ती संक्रमितों में 26 की तीसरी रिपोर्ट आने के बाद उन्हें डिस्चार्ज किया गया। बताया, डिस्चार्ज किए गए 26 लोग कुली बाजार, अनवरगंज, रेलबाजार, सिविल लाइंस, बेगमपुरवा, कर्नलगंज समेत अन्य इलाकों के हैं। इसमें आठ पुलिसकर्मी और चार महिलाएं हैं। जबकि हैलट के कोविड 19 हॉस्पिटल में कोरोना संक्रमित रहे छह लोगों रिपोर्ट निगेटिव आई तो उन्हें डिस्चार्ज कर दिया गया है।
53 फीसदी मरीज हुए ठीक
जनपद में 307 लोगों कोरोना वायरस के शिकार हुए। डाॅक्टरों और पैरामेडिकल स्टाॅप की चिकित्सकीय सेवा और बेजोड़ तकनीकि व इच्छा शक्ति के चलते करीब 53 फीसदी संक्रमित मरीज पूरी तरह से ठीक होकर अपने-अपने घर जा चुके हैं। हैलट अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक प्रोफेसर आरके मौर्या ने बताया कि सोमवार को 37 मरीज डिस्चार्ज हुए। सभी मरीज महज 14 दिन के अंदर पूरी तरह से ठीक हुए हैं। मरीजों ने डाॅक्टरों के दिशानिर्देशों का पालन किया और सही दवा के जरिए उनका सटीक इलाज भी हुआ।