जोधपुर।
जिले के अपराधियों को मध्यप्रदेश में बनने वाले देसी कट्टे व देसी पिस्तौलें (Desi Pistols) रास आने लगी हैं। मध्यप्रदेश (Madhyapradesh) (एमपी) (MP) से बड़ी मात्रा में देसी कट्टे व पिस्तौल खरीदकर जोधपुर शहर व गांवों में बदमाशों को बेचे जा रहे हैं। भगत की कोठी थाने के सामने कार से 15 देसी पिस्तौल व 30 जिंदा कारतूस (15 Pistols and 30 cartridges seized) के साथ गिरफ्तार होने वाले चार युवकों में से एक युवक दो बार पहले भी हथियारों की खेप ला चुका है।
आसानी से उपलब्ध हो रहे हथियार व कारतूस
बदमाशों के लिए देसी कट्टे व देसी पिस्तौल पसंदीदा होने का कारण है कि यह हथियार आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। एमपी में इनके कारतूस भी हासिल होना मुश्किल नहीं है। हालांकि कई मर्तबा यह हथियार एक-दो गोली चलने के बाद जवाब दे जाते हैं।
दो बार में पांच-पांच हथियार लेकर आया था आरोपी
पुलिस का कहना है कि फलोदी थानान्तर्गत खारा गांव में गोकलगढ़ निवासी मेहराम उर्फ महेश पुत्र मलूराम बिश्नोई पहले भी हथियार खरीदने के लिए एमपी गया था। एक बार उसे हथियार नहीं मिले थे, लेकिन दो बार में वह पांच-पांच यानि दस देसी पिस्तौल व देसी कट्टे खरीदकर लाया था। उसने फलोदी क्षेत्र के किसी युवक को हथियार बेचने की जानकारी दी है। इस आधार पर हथियार खरीदने वाले की जांच की जा रही है।
14-14 हजार में खरीदे, 30-30 हजार में बेचनी थी
पुलिस का कहना है कि गिरफ्त में आने वाले चारों युवक एमपी के धार जिले से 15 पिस्तौल व 30 जिंदा कारतूस खरीदकर लाए थे। 14-14 हजार रुपए में प्रत्येक पिस्तौल खरीदी गई थी। जिन्हें वे जोधपुर शहर व आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों में 30-30 हजार रुपए में बेचने वाले थे।
चारों आरोपी रिमाण्ड पर
एएसआइ चंचल प्रकाश ने बताया कि थाने के सामने कार में सवार फलोदी के नयापुरा में मालियों का बास निवासी जितेन्द्र, फलोदी में खारा के दयासागर में नगाणियों की ढाणी निवासी अरविंद बिश्नोई, खारा के पास गोकलगढ़ निवासी मेहराम उर्फ महेश व मूलत: बाप थानान्तर्गत राणेरी हाल फलोदी में राजीव कॉलोनी निवासी चन्द्रभान बिश्नोई से 15 देसी पिस्तौल और तीस जिंदा कारतूस जब्त किए गए थे। इन आरोपियों को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें छह-छह दिन के रिमाण्ड पर भेजने के आदेश दिए गए।