
Fact Check : पिछले कई सालों से यह भ्रम फैला हुआ है कि जोधपुर में स्थित मेहरानगढ़ किले से पूरा का पूरा पाकिस्तान दिखता है। कई मीडिया चैनल्स ने भी इस बात को सच करार दिया है। आखिर इस कथन में कोई सच्चाई है भी या नहीं, आज हम आपको इसके पीछे की सारी सच्चाई बताने वाले हैं।

जोधपुर में स्थित खूबसूरत मेहरानगढ़ किला को मेहरान किले के रूप में भी जाना जाता है।

इस किले को 1459 में राव जोधा द्वारा जोधपुर में बनवाया गया था। यह देश के सबसे बड़े किलों में से एक है।

मेहरानगढ़ किला, 5 शताब्दियों से भी अधिक समय तक राठौड़ वंश का मुख्यालय रहा। 'मेहरान' का अर्थ सूर्य है इसलिए राठौड़ों ने अपने मुख्य देवता सूर्य के नाम से इस किले को मेहरानगढ़ किले के रूप में नामित किया।

कई न्यूज चैनल्स और अन्यों ने अफवाह फैलाई है कि मेहरानगढ़ किले से पूरा का पूरा पाकिस्तान दिखता है। लेकिन इस बात में जरा सी भी सच्चाई नहीं है। आज हम पूरे सबूत के साथ इस बात की पुष्टि करने जा रहे हैं।

गूगल के मुताबिक, जोधपुर के मेहरानगढ़ किले से पाकिस्तान की दूरी 578 किमी. है। एक अध्ययन के मुताबिक, इतनी दूर स्थित किसी चीज को देखना मानव आंख के लिए व्यवहारिक रूप से असंभव है। ऐसे में यह सिर्फ और सिर्फ अफवाह है कि मेहरानगढ़ किले से पाकिस्तान दिखता है। कोई व्यक्ति 578 किमी. की दूरी से पाकिस्तान नहीं देख सकता, यह असंभव है।

किले की वास्तुकला में आप 20 वीं शताब्दी की वास्तुकला की विशेषताओं के साथ 5 वीं शताब्दी की बुनियादी वास्तुकला शैली को भी देख सकते हैं। किले में 68 फीट चौड़ी और 117 फीट लंबी दीवारें है।

जोधपुर का किला कई हमलों का शिकार हुआ। इस किले पर कुल 6 हमले हुए। इस किले पर राव बीका, शेरशाह सूरी,अकबर, औरंगजेब, सवाई जयसिंह व जगतसिंह ने हमले किए, लेकिन खुशी की बात यह रही कि इस किले को कोई जीत न सका।

अत: राजस्थान पत्रिका इस बात से सिरे से नकारता है कि जोधपुर के मेहरानगढ़ किले से पूरा का पूरा पाकिस्तान दिखता है। हां, आप यहां घूमने जरूर जाएं और इसकी खूबसूरती का आनंद उठाए, लेकिन फेक न्यूज से सदैव सावधान भी रहें।