झाबुआ. डीआरपी लाइन फुटबाल मैदान पर आयोजित तीन3 दिवसीय लीजेंड फुटबॉल प्रतियोगिता के फाइनल में आज़ाद क्लब ने 4 – 2 से राजा क्लब को हराकर टाॅफी का कब्जा किया। मुकाबले में राजा क्लब के खिलाडियों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया।
पूरे मैच के दौरान राजा क्लब के खिलाडि़यों ने 65 प्रतिशत समय बाल अपने पास रखी। 3 बार गोल पोस्ट से लगकर बॉल बाहर निकल गई। मुकाबले में पहले हाफ में एक समय आजाद क्लब को कॉर्नर मिला। जिसे उन्होंने गोल पोस्ट में डाल दिया, लेकिन रेफरी ने हाफ साइड कहते हुए गोल रद्द कर दिया। इसके बाद कुछ देर के लिए खेल रुक गया। आजाद क्लब के खिलाड़ियों और रेफरी में बहस भी हुई। हालांकि दो मिनट में मैच फिर शुरू हो गया। राजा क्लब ने कॉर्नर को गोल में बदल दिया, लेकिन रेफरी ने इसे फाउल दिया। राजा क्लब ने रेफरी के फैसले का सम्मान करते हुए कोई विरोध नहीं किया। इस तरह 30 मिनट के दो हाफ खत्म होने पर निर्धारित समय में एक भी टीम गोल नहीं कर सकी। फाइनल मुकाबले में विजेता का फैसला टाई ब्रेकर से हुआ। इसमें आजाद क्लब ने 4 गोल और राजा क्लब के दो खिलाड़ी अपने लक्ष्य से चूक गए, उन्हें रनर अप ट्रॉफी से संतोष करना पड़ा।
इन्हें मिला पुरुस्कार –
बेस्ट खिलाड़ी की ट्रॉफी मेघनगर के फिरोज भाई , बेस्ट गोलकीपर की ट्रॉफी सनी डामोर , बेस्ट मिडफील्डर की ट्रॉफी मोनू डांगी को दी गई। पहला पुरस्कार 21 हजार रुपए आजाद क्लब को अशोक शर्मा की ओर से दिया गया। वहीं राजा क्लब को उपविजेता रहने पर 11 हजार रुपए भारत भूरिया की ओर से दिया गया। सभी ट्रॉफी झाबुआ यूथ के सौजन्य से भेंट की गई। लाइट की व्यवस्था दिनेश चौहान की ओर से की गई थी। फाइनल के विजेता उपविजेता को उमंग सक्सेना, स्वप्निल सक्सेना, जिमि निर्मल, विजय सलाम, अमजद खान के द्वारा दी गई।