राजकीय मेडिकल कालेज निर्माण कार्य में लगे 95 फीसदी श्रमिक बाहरी हैं। जिनका नवम्बर माह का भुगतान दिसंबर शुरू में होना था, लेकिन कार्यदायी संस्था ने दिसंबर माह बीतने के बाद भी भुगतान नहीं किया। जिससे श्रमिकों और उनके परिवार के सामने जीविकोपार्जन की समस्या हो गई।जिससे नाराज होकर लगभग पांच सौ श्रमिकों ने एकजुट होकर दो दिन काम ठप कर दिया। जब इस बात की भनक मेडिकल कालेज को दिसंबर माह में शुरू करने का दावा करने वाले जिलाधिकारी को हुई तो उन्होंने कार्यदायी संस्था के प्रोजेक्ट हेड को तलब कर लिया। जिलाधिकारी ने निर्माण संस्था से हरहाल में निर्माण शुरू करवाने को कहा। कार्यदायी संस्था के जिम्मेदार लोगों ने श्रमिकों को इकट्ठा कर नोट बंदी के चलते उत्पन्न समस्या का हवाला देते हुए शीघ्र भुगतान का अश्वासन दिया। श्रमिक मान गए और गुरुवार से काम शुरू कर दिया।