जयपुर. जैन धर्म के 22 वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ का मोक्ष कल्याणक महोत्सव सोमवार को शहरभर के दिगंबर जैन मंदिरों में मनाया। अष्ट द्रव्य से पूजा करते हुए निर्वाण काण्ड भाषा के बाद मोक्ष कल्याणक का श्लोक
का उच्चारण करते हुए अर्घ्य एवं निर्वाण लाडू चढ़ाया। इस मौके पर चातुर्मास के लिए प्रवासरत आचार्य, मुनियों, आर्यिकाओं के सान्निध्य में कार्यक्रम हुए। पदमपुरा जैन मंदिर में आचार्य चैत्य सागर ससंघ के सानिध्य में,अतिशय क्षेत्र छोटा गिरनार बापूगांव में मूलनायक भगवान नेमिनाथ के समक्ष निर्वाण लाडू चढ़ाया। मालवीय नगर सेक्टर तीन, तारों की कूंट, आमेर स्थित नेमिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर सावलां, चूलगिरी, संघजी सहित अन्य मंदिरों में कार्यक्रम हुए।
यहां भी हुए कार्यक्रम
दहमी कलां जैन मंदिर में आचार्य नवीननंदी के सान्निध्य में नंदीश्वर मंडल विधान की पूजा हुई। मंदिर ट्रस्ट के महामंत्री प्रमोद बाकलीबाल, रमेश ठोलिया, कनकमाला, मधु पाटनी मौजूद रहे। इधर वैशालीनगर स्थित त नेमिसागर काॅलोनी में डी सी जैन, हंसराज गंगवाल, वीरेन्द्र गोधा के नेतृत्व में में लाडू चढाया गया। अध्यक्ष जे के जैन कालाडेरा ने बताया कि भक्तों ने दर्शन कर सुख समृद्धि की कामना की।
चारों दिशाओं में स्थित भगवान की प्रतिमा के समक्ष की आराधना
बापूनगर के पंडित टोडरमल स्मारक भवन के पंचतीर्थ जिनालय में चारों दिशाओं में स्थित भगवान नेमिनाथ स्वामी की भव्य खडगासन प्रतिमाओं के अभिषेक हुए। पंडित जिनेन्द्र शास्त्री के साथ में सभी श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से निर्वाणकाण्ड भाषा का पाठ करके मोक्ष कल्याणक का अर्घ्य के उच्चारण के साथ लड्डू चढ़ाया। ज्योति नगर जनकपुरी जैन मंदिर में मूलनायक भगवान नेमिनाथ का निर्वाणोत्सव प्रबंध समिति अध्यक्ष पदम जैन बिलाला के नेतृत्व में हुआ। आरती के बाद 24 तीर्थंकर की 24 दीपक से महाअर्चना की। अरिष्ट नेमि देवाधिदेव दिवस मनाते हुए नेमिनाथ गाथा अर्थ सहित समझाई गई। जयकारों के साथ श्रद्धालुओं ने निर्वाण लाडू चढ़ाया ।