जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में रहने वाले लोगों के लिए सरकार बड़ा तोहफा लेकर आई है। अब 250 वर्गमीटर तक के छोटे भूखंडों के पट्टे देने के लिए मुख्यालय फाइल भेजने की जरूरत नहीं होगी। हालांकि मुख्य बाजारों के दोनों तरफ स्थित भूखंडों को इस आदेश से अलग रखा गया है। दरअसल सरकार को लगातार हेरिटेज के नाम पर पट्टे रोकने की शिकायतें मिल रही थी। बार-बार मार्गदर्शन के नाम पर फाइलों को हेरिटेज नगर निगम मुख्यालय भिजवाया जा रहा था, जिसके चलते प्रशासन शहरों के संग अभियान में भी लोगों को राहत नहीं मिल पा रही थी। इस पर नगरीय विकास विभाग के सलाहकार जीएस संधू ने यूडीएच और स्वायत्त शासन विभाग की बैठक ली। बैठक में चर्चा के बाद निर्णय किया गया कि जयपुर के चारदीवारी क्षेत्र में 250 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के पट्टे जोन स्तर पर ही दिए जा सकेंगे। हालांकि विरासत के मामलों में पुरानी व्यवस्था ही लागू रहेगी।
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अब यूं होगा काम
नई व्यवस्था के तहत 250 वर्ग मीटर तक के भूखंडों के मामले में पट्टे देने की सारी प्रक्रिया जोन स्तर पर की जाएगी। मुख्यालय से इस पर किसी भी प्रकार की स्वीकृति लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। केवल हेरिटेज प्रकृति के भूखंडों के मामले में ही मुख्यालय में बनी हेरिटेज सैल से राय ली जाएगी। अभी तक किसी भी फाइल पर पट्टा देने की प्रक्रिया से पहले उसे मुख्यालय भेजा जाता था। वहां हेरिटेज सैल से राय ली जाती थी। इसके बाद अंतिम स्वीकृति भी मुख्यालय से मिलने के बाद ही पट्टा जारी किया जाता था। अभी शहर के नगर निकायों में धारा 69ए के तहत पट्टे जारी किए जा रहे हैं।
आदेश से यह मामले रहेंगे दूर
हालांकि मुख्य बाजार इस आदेश के दायरे में नहीं आएंगे। साथ ही हेरिटेज प्रकृति के चयनित 1575 भवन, हेरिटेज वॉकवे में स्थित भवन और हेरिटेज सेल की ओर से चिन्हित भवनों पर भी इस आदेश को लागू नहीं किया गया है।