
rajasthan village (प्रतीकात्मक तस्वीर)
मौजूदा मास्टरप्लान में जनता को उम्मीद के मुताबिक सुविधाएं नहीं मिल पाईं। जनता से जुड़े 17 बिंदुओं पर ही किसी ने काम नहीं किया। हालांकि, जयपुर के गांवों में कॉलोनियां सृजित हो गईं। लोगों ने घर भी बना लिए। वहां पर जाकर देखो तो पता चलता है कि न तो सीवर लाइन है और न ही सड़क है।
नगरीय विकास की समझ रखने वाले लोगों का कहना है कि यदि जेडीए रीजन का विस्तार किया जाता है तो वैध के साथ-साथ अवैध कॉलोनियां सृजित होंगी। वहां पर मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना आसान काम नहीं होगा।
ड्रेनेज सिस्टम: ड्रेनेज सिस्टम को विकसित करने का काम तो चल रहा है, लेकिन इसकी गति बेहद धीमी है। यही वजह है कि तेज बारिश में शहर जलमग्न हो जाता है।
क्षेत्रीय स्तर पर परिवहन योजना: बसों की संख्या हर वर्ष कम होती गई। मेट्रो का विस्तार भी कागजों तक ही सीमित है।
विलेज डवलपमेंट प्लान: इस प्लान को लेकर कोई भी योजना धरातल पर नहीं उतरी।
पानी के बहाव क्षेत्र को ज्यों का त्यों रखना था, लेकिन जिम्मेदार महकमे ऐसा नहीं कर पाए। बहाव क्षेत्र में कॉलोनियां तक सृजित हो गईं। इससे पानी की राह में अवरोध पैदा होने लगा।
Published on:
02 Apr 2025 10:05 am
