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Jodhpur अग्निकांड: जिंदा बचा दूल्हा बोला.. सबसे पहले मां से मिलूंगा, पता ही नहीं कि माता पिता समेत 35 लोग नहीं रहे

उसकी देखभाल उसके परिवार और दोस्त कर रहे हैं। वह तेजी से रिकवर कर रहा है।

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जयपुर
इस साल हुई राजस्थान की सबसे बड़ी त्रासदी से अब हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जोधपुर में शादी में जाने से ठीक पहले हुए अग्निकांड के बाद बीस दिन के बाद अब दूल्हे की खैरियत की खबर सामने आई है। वह अब खतरे से बाहर है, लेकिन सबसे बड़ा दुख अभी बाकि है दूल्हे सुरेन्द्र सिंह के लिए....। वह दुख है अपनों को खोने का। दूल्हे सुरेन्द्र सिंह को पता ही नहीं है कि उसके माता पिता और परिवार के बहुत सारे लोग इस दुनिया में अब नहीं हैं। उसकी देखभाल उसके परिवार और दोस्त कर रहे हैं। वह तेजी से रिकवर कर रहा है।

सुरेन्द्र सिंह की देखभाल करने वाले उसके परिवार के सदस्यों का कहना है कि उसे नहीं पता कि अब माता पिता नहीं रहे। सुरेन्द्र ने कहा कि अस्पताल से अवकाश मिलते ही वह सबसे पहले माता पिता से जाकर मिलेगा। सरेन्द्र का कहना था कि शेरवानी से उसकी जान बच सकी। फिर भी चेहरा और हाथ एवं पैर जले हैं। उसे कई दिनों तक आईसीयू में रखने के बाद अब तीन दिन पहले ही सामान्य वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

पिता, माता, बहन, बहन के बच्चे आसपास के लोगों समेत 35 की मौत हो चुकी
दरअसल सुरेन्द्र सिंह की शादी बाडमेर में तय की गई थी। बाडमेर में दूल्हन इंतजार कर रही थी। इससे पहले जब जोधपुर के शेरगढ स्थित भुंगरा गांव से बारात रवाना होने वाली थी तो सलेंडर फटे। इस हादसे दूल्हे के पिता सगत सिंह, मां धापू देवी, बहन, बहन के बच्चे, ताउ ताई समेत 15 लोग तो परिवार के ही जल गए। साथ ही इस हादसे में अब तक 35 लोगों की मौत हो चुकी है। सरकार ने प्रत्येंक मृतक के परिवार को बीस लाख रुपए के आर्थिक मुआवजे की घोषणा की है।

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