
She News - प्राणायाम ने दी चलने की ताकत,बन गईं योग गुरु
परेशानी चाहे कितनी भी क्यों ना हो लेकिन यदि मन में हिम्मत है तो हर परेशानी छोटी हो जाती है और हम दूसरोंं के लिए भी प्रेरणा बन जाते हैं। ऐसा ही कुछ उदाहरण पेश किया जयपुर की कांता गुप्ता ने जो शादी के कुछ समय बाद एक दुर्घटना के कारण लकवाग्रस्त होकर बिस्तर के सहारे हो गई थीं, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। प्राणायाम सीखा और आज दूसरों को सिखाकर उन्हें स्वस्थ रहने को प्रेरित कर रही हैं।
मां के फर्ज ने दी हिम्मत
कांता बताती हैं कि जब उन्हें लकवा हुआ उस समय उनके बच्चे छोटे थे और वह बिस्तर पर आ गई थीं। दिमाग में एक ही खयाल था कि अगर उन्हें कुछ हो गया तो बच्चों को कौन देखेगा। बस इसी सोच ने उनमें हिम्मत पैदा की और खुद को ठीक करने की ठान ली। पति का हर कदम पर साथ मिला। उनके साथ नियमित रूप से गार्डन जाने लगी वह भी तब जबकि चलना भी मुश्किल था। बस दो कदम चलने की कोशिश करती रहीं, कितनी बार गिरी आज खुद भी याद नहीं। यहीं उनकी मुलाकात एक योग गुरु से हुई जिन्होंने उन्हें प्राणायाम सीखने के लिए कहा।
फिर हुआ अस्थमा का अटैक
कांता के मुताबिक उन्होंने पहले प्राणायाम सीखा फिर योग सीखने लगी,जिससे स्वास्थ्य में सुधार हुआ और वह एक बार फिर पहले की तरह चलने फिरने लगी लेकिन अब भी इम्तिहां बाकी थे। उन्हें अस्थमा हुआ और तबीयत इस कदर खराब हुई कि वे फिर से बिस्तर पर आ गईं। कांता ने हिम्मत नहीं हारी और फिर प्राणायाम के जरिए खुद को स्वस्थ किया। वे पिछले कई सालों से दूसरों को योग और प्राणायाम सिखा रही हैं। कई प्रकार के सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी हुई हैं। फिर वह महिला सशक्तीकरण हो या फिर बेटी बचाने की मुहिम। उनका उद्देश्य हर व्यक्ति को योग और प्राणायाम से जोडऩे का है और वह इसी लक्ष्य के साथ जुटी हुई हैं।
Published on:
03 Mar 2024 04:40 pm

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