
फोटो-मदन मोहन मारवाल
सौम्या गुर्जर ने बुधवार को फिर महापौर पद का कार्यभार संभाल लिया। भाजपा नेताओं के साथ दोपहर 3.30 बजे निगम मुख्यालय पर पहुंचकर उन्होंने पदभार ग्रहण किया। पद संभालने के बाद उन्होंने कोर्ट के निर्णय पर कहा कि मुझे न्यायपालिका पर भरोसा है। भगवान के घर देर हैं, अंधेर नहीं। सभी पार्षदों को लेकर शहर का विकास किया जाएगा। जो भी काम होंगे पार्षदों की सहमति से होंगे। यज्ञमित्र सिंह देव से विवाद के सवाल पर उन्होंने कहा कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। मैं काम को लेकर प्रतिबद्ध हूं और रहूंगी।
पुलिस छावनी बना नगर निगम मुख्यालय
सौम्या गुर्जर के आने से पहले नगर निगम मुख्यालय को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। मुख्यालय के अंदर आमजन की एंट्री को भी बंद कर दिया गया। जिसके चलते जरूरी काम से आए लोगों को बैरंग लौटना पड़ा। किसी भी विवाद से बचने के लिए पहले से ही पुलिस की व्यवस्था की गई थी।
नहीं आई शील धाभाई और आयुक्त
गुर्जर को महापौर पद का कार्यभार सौंपने के लिए शील धाभाई नहीं आई। आयुक्त यज्ञमित्र सिंह देव भी महापौर का स्वागत करने नहीं पहुंचे। हालांकि धाभाई ने गार्ड और गाड़ी दोनों को भिजवा दिया था। ज्यादातर समिति चेयरमैन इस दौरान मौजूद रहे।
अभी लटकी है सदस्यता जाने की तलवार
सरकार के निलंबन आदेश पर स्टे के बाद भले ही गुर्जर ने पद संभाल लिया हो, मगर न्यायिक जांच पर फैसला नहीं हो पाया है। अगर इस जांच में वो दोषी पायी जाती हैं तो उनकी सदस्यता जा सकती है। ऐसे में उनका महापौर और पार्षद दोनों पद जाएंगे। उधर पार्षदों के निलंबन की न्यायिक जांच पूरी नहीं हो पाई है।
तेवर इसलिए नरम पड़े
सूत्रों की मानें तो सौम्या गुर्जर के तेवर इसलिए नरम पड़े हैं क्योंकि पार्टी ने उन्हें अनर्गल बयानबाजी नहीं करने की हिदायत दी है। पदभार ग्रहण करने से पहले भी वो भाजपा मुख्यालय गई थी, जहां उन्हें शांत रहने और बयानबाजी से बचने के लिए कहा है।
Published on:
02 Feb 2022 05:42 pm
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