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जयपुर। राजस्थान के खान विभाग ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में विभाग ने 9202.50 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण कर 23.35% की प्रभावशाली वृद्धि दर्ज की है, जो अब तक का सर्वाधिक संग्रहण है। प्रमुख शासन सचिव टी. रविकान्त के अनुसार, यह सफलता प्रबंधकीय दक्षता, पारदर्शिता और नीतिगत सुधारों का परिणाम है। मिनरल ब्लॉकों की नीलामी और नई खनिज नीतियों ने राजस्थान को देशभर में अग्रणी बना दिया है। इस उपलब्धि ने राज्य को माइनिंग सेक्टर में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
राज्य के खान विभाग ने वर्ष 2024-25 में 9202 करोड़ 50 लाख रु. का राजस्व अर्जित कर ऐतिहासिक कीर्तिमान स्थापित किया है। प्रमुख शासन सचिव खान एवं भूविज्ञान टी. रविकान्त ने यह जानकारी देते हुए बताया कि आरंभिक आंकड़ों के अनुसार खान विभाग ने 23.35 फीसदी की विकास दर के साथ गत वित्तीय वर्ष से 1742 करोड़ 02 लाख रुपए अधिक राजस्व संग्रहित किया है। उन्होंने बताया कि यह खान विभाग के इतिहास में किसी एक वित्तीय वर्ष का अब तक का सर्वाधिक राजस्व संग्रहण है।
प्रमुख सचिव खान टी. रविकान्त ने बताया कि राज्य के खान विभाग ने प्रबंधकीय दक्षता व समन्वित प्रयासों का परिचय देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में राजस्व संग्रहण सहित माइनिंग के सभी क्षेत्रों में उल्लेखनीय ऐतिहासिक प्रगति दर्ज की है। राज्य में इसी वित्तीय वर्ष में सर्वाधिक प्रधान व अप्रधान खनिज ब्लॉकों व प्लाटों की नीलामी, नई खनिज नीति, नई एम-सेंड नीति के साथ ही राइजिंग राजस्थान के दौरान खनिज क्षेत्र में निवेश करार हुए है। व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के साथ ही सरलीकरण किया गया है। उन्होंने बताया कि गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में खान विभाग द्वारा 7460 करोड़ 48 लाख रुपए का राजस्व संग्रहित किया गया था।
रविकान्त ने बताया कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा जो स्वंय खान मंत्री भी है के नेतृत्व व मार्गदर्शन में खान विभाग योजनावद्ध तरीके से आगे बढ़ रहा है। मिनरल ब्लॉकों की नीलामी में राजस्थान देश में पहले पायदान पर आ गया है वहीं अब राजस्व विकास दर में भी संभवतः राजस्थान देश में पहले स्थान पर आ गया है। उन्होंने बताया कि समन्वित प्रयास, नियमित मोनेटरिंग और राजस्व छीजत रोकने के कदम से राजस्व अर्जन में बढ़ोतरी हो सकी है। उन्होंने विभाग की उपलब्धि पर मुख्यालय से लेकर फील्ड स्तर तक के सभी अधिकारियों और कार्मिकों को बधाई दी है।
निदेशक माइंस दीपक तंवर ने बताया कि लक्ष्यों के विरुद्ध राजस्व वसूली में एसएमई जयपुर वृत पहले स्थान पर रहा है। सर्वाधिक राजस्व संग्रहण एसएमई भीलवाड़ा वृत में 2257 करोड़ 74 लाख रुपए का हुआ है। एसएमई जयपुर वृत में 1140.69 करोड़, एसएमई अजमेर वृत में 751.51 करोड़ रु., एसएमई उदयपुर वृत में 1132.94 करोड़ रु., एसएमई राजसमंद वृत में 1368.59 करोड़ रु., एसएमई जोधपुर वृत में 1343.28 करोड़ रु., एसएमई बीकानेर वृत में 500.25 करोड़ रु., एसएमई कोटा वृत में 288.01 करोड़ रु. और एसएमई भरतपुर वृत में 419.50 करोड़ रु. का राजस्व संग्रहित हुआ है।
एसएमई जयपुर एनएस शक्तावत ने बताया कि जयपुर वृत में 180.09 करोड़ का राजस्व संग्रहण कर एमई जयपुर श्याम कापड़ी पहले स्थान पर रहे हैं। जयपुर एमई श्याम कापड़ी ने वर्ष 2023-24 के 110.98 करोड़ राजस्व वसूली की तुलना में एक दिन पहले समाप्त हुए वित्तीय वर्ष में 180.09 करोड़ का राजस्व संग्रहण किया है। इसी तरह से झुन्झुनू ने 176.12 करोड़ की तुलना में 216.24 करोड़ रु., अलवर ने 123.67 करोड़ की तुलना में 161.27 करोड़ रु., सीकर ने 41.69 करोड़ की तुलना में 63.10 करोड़, टोंक ने 119.16 करोड़ की तुलना में 190.82 करोड़ रु., कोटपूतली ने 123.78 करोड़ की तुलना में 172.52 करोड़ रु., नीम का थाना ने 99.21 करोड़ की तुलना में 130.21 करोड़ रु. और दौसा ने 24.08 करोड़ की तुलना में 29.41 करोड़ रु. का राजस्व संग्रहित किया है।
Updated on:
01 Apr 2025 09:23 pm
Published on:
01 Apr 2025 07:36 pm

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