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Rajasthan Politics: नेताओं के बिगड़े बोल, समाज में रहे जहर घोल

विधानसभा में सात साल पहले बनी सदाचार समिति के पास यदि किसी विधायक की शिकायत जाती और उस पर कोई कार्रवाई होती, तो प्रदेश में विधायकों के बिगड़े बोल से हुए बवाल पर लगाम लग सकती थी। कांग्रेस सरकार के गठन के बाद 2018 से लेकर अब तक बीस से ज्यादा भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर काफी विवाद खड़ा हुआ। विधायकों को माफी भी मांगनी पड़ गई, लेकिन सदाचार समिति की उपयोगिता नहीं होने के चलते माफी मांगने वाले किसी भी विधायक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

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विधानसभा में सात साल पहले बनी सदाचार समिति के पास यदि किसी विधायक की शिकायत जाती और उस पर कोई कार्रवाई होती, तो प्रदेश में विधायकों के बिगड़े बोल से हुए बवाल पर लगाम लग सकती थी। कांग्रेस सरकार के गठन के बाद 2018 से लेकर अब तक बीस से ज्यादा भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के विधायकों ने सदन के अंदर और बाहर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर काफी विवाद खड़ा हुआ। विधायकों को माफी भी मांगनी पड़ गई, लेकिन सदाचार समिति की उपयोगिता नहीं होने के चलते माफी मांगने वाले किसी भी विधायक पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।

इनके बिगड़े बोल

शांति धारीवाल: संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने पिछले दिनों विधानसभा सत्र के दौरान रेप के आंकड़े बताते हुए कहा था कि यह सच है कि राजस्थान रेप के मामलों में नंबर वन है। कुछ देर चुप रहकर बोले कि अब ये रेप के मामले क्यों हैं? फिर हंसते हुए कहा कि वैसे भी राजस्थान तो मर्दों का प्रदेश रहा है। इस बयान पर काफी हंगामा हुआ। अगले दिन उन्होंने खेद भी प्रकट किया था।

गुलाब चंद कटारिया: प्रदेश में पिछले वर्ष तीन सीटों पर उपचुनाव के समय राजसमंद में गुलाब चंद कटारिया ने महाराणा प्रताप का नाम लेकर कह दिया कि ‘हमारे पूर्वजों ने एक हजार साल तक लड़ाई लड़ी है। यह महाराणा प्रताप अभी-अभी गया है। क्या उसे पागल कुत्ते ने काट लिया था कि वह अपनी राजधानी और अपना घर छोड़ कर, अलग-अलग पहाड़ों में घूमता हुआ रो रहा था? किसके लिए वह गया।’ इस बयान को लेकर प्रदेश में काफी बवाल भी हुआ। कटारिया को बार-बार माफी भी मांगनी पड़ी थी।

सतीश पूनिया: प्रदेश का जब इस वर्ष बजट पेश हुआ तो उस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया ने कहा कि बजट में सिर्फ लीतापोती की गई है, ऐसा लगता है कि किसी काली दुल्हन को ब्यूटी पार्लर पर ले जाकर उसका अच्छे से शृंगार कर पेश कर दिया हो। इससे ज्यादा इस बजट में मुझे कुछ नहीं लगता।’ मामले में महिला आयोग तक ने नाराजगी जताई थी। पूनिया को इस मामले में माफी भी मांगनी पड़ी।

राजेन्द्र विधूड़ी: कांग्रेस के विधायक राजेन्द्र विधूड़ी हमेशा किसी न किसी विवाद में फंसे ही दिखते हैं। एक थानेदार को उन्होंने कुछ समय पहले करीब सवा सात मिनट की बातचीत में 100 से ज्यादा बार गालियां निकाली। प्रशासनिक हलकों में इसे लेकर नाराजगी भी दिखाई दी।

गणेश घोघरा: जयपुर में एक प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और राज्यपाल कलराज मिश्र पर अमर्यादित टिप्पणी कर दी थी। इस पर कुछ लोगों ने पुलिस में मामला भी दर्ज करवाया गया था।

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