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Rajasthan Election 2023: यहां से बिछती सूबे की बिसात…वजीर, घोड़े, हाथी, प्यादों से देते शह-मात

Rajasthan Assembly Election 2023: जयपुर यानी ‘जैपर’ में जिसकी राजनीतिक जीत, प्रदेश में उसकी सरकार बनने के अवसर बढ़ जाते हैं। प्रदेश की 200 में से एक चौथाई सीटें जयपुर संभाग से ही निकलती हैं।

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जयपुर

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Kirti Verma

Sep 11, 2023

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जयपुर. Rajasthan Assembly Election 2023: जयपुर यानी ‘जैपर’ में जिसकी राजनीतिक जीत, प्रदेश में उसकी सरकार बनने के अवसर बढ़ जाते हैं। प्रदेश की 200 में से एक चौथाई सीटें जयपुर संभाग से ही निकलती हैं। पिछले चार चुनावों का मिजाज तो यही बताता है कि जिसने यहां बढ़त बनाई, वही सरकार बनाने में कामयाब हुआ। संभाग की 50 सीटों पर जीत का डंका फहराने के लिए भाजपा और कांग्रेस में ‘तू डाल-डाल तो मैं पात-पात’ वाली कहावत का खेल चल रहा है। पूरे प्रदेश की सियासी बिसात राजधानी से ही बिछती है, लिहाजा इस संभाग का महत्व अपने आप बढ़ जाता है। आपसी गुटबाजी से जूझ रहे दोनों दलों के लिए न मुद्दों की कमी है और न कार्यक्रमों की।

पिछले चुनाव में जिस सीकर जिले में भाजपा खाता भी नहीं खोल पाई थी, वहां पीएम नरेन्द्र मोदी ने बड़ी सभा करके माहौल पार्टी के पक्ष में करने की कोशिश की है। परिवर्तन यात्राओं के समापन पर 25 सितंबर को जयपुर में बड़ी सभा करके भाजपा अपने पक्ष में हवा बनाना चाहती है। दूसरी तरफ सरकार रिपीट के प्रयासों में जुटी कांग्रेस जयपुर संभाग की अपनी पिछली बढ़त को बरकरार रखने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की योजना मोदी की सभा के मुकाबले बड़ी सभा कर कार्यकर्ताओं में जोश भरने की है।

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दोनों दलों के सामने कड़ी चुनौती
वर्ष 2018 के चुनाव में कांग्रेस को 30 और भाजपा को दस सीटें मिलीं थी। इस तरह कांग्रेस को कुल मिली 100 सीटों में जयपुर संभाग का बड़ा योगदान रहा, लेकिन इस बार 2023 के चुनाव में दोनों दलों के सामने बड़ी चुनौती है। वर्ष 2008 में भाजपा के 19 और कांग्रेस के 20 विधायक चुनकर आए। इससे पहले 2003 में भाजपा के 22 और कांग्रेस के 16 विधायक चुनकर आए। इस तरह इस संभाग की ज्यादातर सीटों पर कांटे का मुकाबला होता आया है।

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नए जिलों से बदल सकते हैं समीकरण
अब जयपुर संभाग में नीम का थाना, दूदू, जयपुर ग्रामीण, खैरथल और कोतपूतली-बहरोड़ नए जिले बनाए गए हैं। माना जा रहा है कि संभाग में नए जिले बनने और एक नया संभाग बनने से भी चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। कई जगह नए जिले बनने पर लोगों में खुशी है तो कई जगह नाराजगी भी है।