29 जनवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ज्ञान देव आहूजा के आवास पर देर रात पोती कालिख, कांग्रेस ने साधा निशाना, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कही ये बात

भाजपा नेता ज्ञान देव आहूजा की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर की गई टिप्पणी के बाद कई सामाजिक संगठन विरोध में उतर गए हैं।

2 min read
Google source verification

जयपुर। भाजपा नेता ज्ञान देव आहूजा की ओर से नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली पर की गई टिप्पणी के बाद कई सामाजिक संगठन विरोध में उतर गए हैं। इधर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने भी साफ कर दिया है कि आहूजा के बयान से उनका कोई लेना देना नहीं है। भाजपा ऐसे बयान को समर्थन नहीं देती है। इधर देर रात आहूजा के मानसरोवर स्थित आवास पर आजाद विद्रोही संस्थापक संवैधानिक विचार मंच राजस्थान के गीगराज जोड़ली ने उनके आवास पर कालिख पोत दी। जिस के बाद गीगराज ने एक वीडियो जारी कर कहा कि आहूजा को पूरे समाज से मांफी मांगनी होगी नहीं तो पूरा राजस्थान एक मंच कर आकर विरोध प्रदर्शन करेगा। समाज आहूजा का घर से निकलना दूभर कर देगा।

आज हर जिले में पूतला फूंकने का प्लान..

वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भी आहूजा के बयान को लेकर काफी नाराजगी हैं। कांग्रेस आज पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन करेगी। कांग्रेस नेताओं ने आहूजा के इस कृत्य के लिए उन पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आहूजा के इस काम को दलितों के प्रति भाजपा की दुर्भावना का नमूना बताया। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'भाजपा नेता ज्ञानदेव आहूजा ने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के मंदिर जाने के बाद गंगाजल छिड़का. यह घटना दलितों के प्रति भाजपा की दुर्भावना को दर्शाती है। 21वीं सदी में ऐसी संकीर्ण मानसिकता एक सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं है। इसकी जितने कड़े शब्दों में निंदा की जाए वह कम है। क्या राजस्थान के मुख्यमंत्री एवं भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष अपने वरिष्ठ नेता के इस व्यवहार से सहमत हैं ? क्या इस घृणित कृत्य के लिए भाजपा अपने नेता पर कार्रवाई करेगी?'

यह है विवाद ….

रामनवमी के दिन अलवर की एक आवासीय सोसायटी में बने राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन हुआ था। इसमें नेता प्रतिपक्ष जूली भी शामिल हुए थे। ज्ञानदेव आहूजा ने मंदिर में गंगाजल छिड़ककर पवित्र करते हुए पूजन करने की बात कही। इसके बाद आहूजा ने मंदिर में गंगाजल छिड़का, जिसके बाद विवाद खड़ा हो गया।

Story Loader